भाजपा में चेक-मेट और आरोप-प्रत्यारोप का खेल शुरु
नवनीत राणा के खिलाफ शिकायत, तुषार भारतीय के घर हुई बैठक

* सीएम फडणवीस को भेजे पत्र में 22 भाजपा प्रत्याशियों के हस्ताक्षर
* तीन विजयी प्रत्याशियों व 19 पराजित प्रत्याशियों के नामों का समावेश
* पराजित प्रत्याशियों ने अपनी हार का ठिकरा फोडा नवनीत राणा पर
* कहा, जैसे 10 वर्षों में राकांपा खत्म की, वैसे ही भाजपा को खत्म कर देगी राणा
अमरावती/दि.17 – अमरावती महानगर पालिका के चुनावी नतीजे सामने आते ही अब भाजपा में चेक एंड मेट तथा आरोप-प्रत्यारोप का खेल शुरु हो गया है. जिसके तहत आज साईनगर क्षेत्र से मनपा के चुनाव में पराजित भाजपा प्रत्याशी तुषार भारतीय के घर पर पार्टी के कई हारे व जीते हुए प्रत्याशियों की बैठक बुलाई गई, जिसमें चुनाव जीतनेवाले चेतन गावंडे, लता देशमुख व आशीष अतकरे के साथ ही चुनाव में पराजित हो चुके 19 प्रत्याशियों ने हिस्सा लिया. पश्चात इन सभी 22 प्रत्याशियों द्वारा पूर्व सांसद नवनीत राणा को पार्टी से तत्काल निष्कासित करने की मांग को लेकर सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम एक पत्र जारी किया गया. जिसमें आरोप लगाया गया है कि, पूर्व सांसद नवनीत राणा ने पार्टी के भीतर रहकर भाजपा के खिलाफ खुलेआम काम किया और उनकी वजह से ही पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा. साथ ही साथ यह भी कहा गया कि, वर्ष 2014 में राकांपा प्रत्याशी के तौर पर संसदीय चुनाव लडनेवाली नवनीत राणा ने जिस तरह से अगले 10 वर्षों के दौरान अमरावती शहर में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को खत्म करने का काम किया, उसी तर्ज पर अपने व्यक्तिगत हितों को ध्यान में रखते हुए पूर्व सांसद नवनीत राणा द्वारा अब भाजपा को खत्म करने का काम किया जा रहा है.
सीएम फडणवीस के नाम लिखे गए इस पत्र में भाजपा प्रत्याशियों ने कहा है कि वे सभी भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता रहे हैं और वर्षों से संगठन के लिए मेहनत करते आए हैं. इसके बावजूद इस चुनाव में उनका पराभव विपक्षी दलों के कारण नहीं, बल्कि भाजपा की वरिष्ठ नेता नवनीत राणा की गतिविधियों के कारण हुआ है. उनका आरोप है कि नवनीत राणा ने भाजपा के गढ़ माने जाने वाले प्रभागों में अपने उम्मीदवार उतारकर पूरे पैनल को नुकसान पहुंचाने की रणनीति बनाई. इन उम्मीदवारों के अनुसार, भाजपा के पोस्टरों पर नवनीत राणा का बड़ा फोटो लगवाया गया, संगठनात्मक ढांचे को कमजोर किया गया और अधिकृत उम्मीदवारों की उम्मीदवारी वापस लेने संबंधी पत्रों का शहरभर में प्रचार किया गया. वहीं अंतिम पांच दिनों में नवनीत राणा ने खुलेआम भाजपा के खिलाफ प्रचार किया और यह कहा गया कि भाजपा के उम्मीदवार डमी हैं, जबकि युवा स्वाभिमान पार्टी के उम्मीदवार ही असली भाजपा उम्मीदवार हैं.
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि चुनाव में पैसे की खुलेआम लूट हुई, मतदाताओं पर दबाव बनाया गया और मोहल्ला-मोहल्ला प्रचार रैलियां निकालकर जनता में भ्रम फैलाया गया. पूर्व सांसद नवनीत राणा और उनके पति व विधायक रवि राणा पर यह भी आरोप लगाया गया कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के समर्थन का हवाला देकर मतदाताओं को गुमराह किया. उम्मीदवारों ने कहा कि उन्होंने लोकसभा चुनाव में नवनीत राणा और विधानसभा चुनाव में रवि राणा के लिए पूरी निष्ठा से काम किया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें ही गद्दार ठहराया गया और राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाया गया. उनका कहना है कि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रभाव क्षेत्र में राणा दंपती ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया, बल्कि केवल भाजपा को कमजोर करने की रणनीति अपनाई.
पत्र में स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि वे अपनी हार स्वीकार करते हैं, लेकिन यह हार जनता के निर्णय से नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर की गद्दारी का परिणाम है. भाजपा नेतृत्व से अपील की गई है कि पार्टी को बचाने के लिए नवनीत राणा को तत्काल निष्कासित किया जाए और उन्हें युवा स्वाभिमान पार्टी के लिए मुक्त किया जाए. इस पत्र पर मनपा चुनाव में विजयी रहे चेतन गावंडे, आशिष अतकरे व लता देशमुख के साथ ही चुनाव में पराजित हुए भाजपा प्रत्याशी प्रणित सोनी, अभिजित वानखडे, ऋषि खत्री, डॉ. वीरेंद्र ढोबले, नरेश धामाई, सुनंदा खरड, मृणाली चौधरी, अपर्णा ठाकरे, चेतन पवार, राजेश शादी, रोशनी वाकडे, बरखा शर्मा, रीटा मोकलकर, संतोष पिठेकर, गौरव बांते, प्रणित सोनी, योगेश निमकर, राजेश पड्डा साहू, स्वाती निस्ताने, धीरज बारबुद्धे, गंगा अंभोरे, छाया अंबाडकर के हस्ताक्षर हैं.





