68 सीटों पर भाजपा के ‘कमल’ ने हासिल किए 3.27 लाख वोट

2.29 लाख वोटों के साथ कांग्रेस दूसरे व 2.20 लाख वोटों के साथ राकांपा (अजीत) तीसरे स्थान पर

* महज 25 सीटों पर लडी एमआईएम ने 1.11 व 36 सीटों पर लडी वायएसपी ने 1.09 लाख वोट किए हासिल
* 74 सीटों पर प्रत्याशी देनेवाली शिवसेना (शिंदे) को मिले 74,280 वोट
अमरावती/दि.19 – हाल ही में हुए अमरावती महानगर पालिका के चुनावी नतीजे घोषित हो चुके है तथा चुनाव लडनेवाले प्रत्याशियों सहित सभी राजनीतिक दलों की हार-जीत का फैसला हो चुका है. वहीं अब चुनावी नतीजों के विश्लेषण का दौर चल रहा है. जिसके तहत यह खंगाला जा रहा है कि, अमरावती शहर में किस पार्टी का वोट शेअरिंग कितना रहा. जिसमें 68 सीटों पर प्रत्याशी खडे करते हुए 25 सीटों पर जीत हासिल करनेवाले भारतीय जनता पार्टी की वोटों की हिस्सेदारी सबसे अधिक दिखाई दे रही है. क्योंकि भाजपा ने 68 सीटों पर 3 लाख 27 हजार 257 वोट हासिल किए. जो चुनावी अखाडे में रहनेवाले अन्य सभी राजनीतिक दलों की तुलना में सबसे अधिक वोट शेअरिंग है. यानि 25 सीटें जीतकर मनपा के सदन में सबसे बडी पार्टी बनकर उभरी भाजपा ने भले ही अन्य सीटों पर हार का सामना किया, लेकिन वोट हासिल करने के मामले में भाजपा ही सबसे अव्वल रही.
इसके अलावा 74 सीटों पर अपने ‘पंजा’ चुनाव चिन्ह के साथ प्रत्याशी खडे करनेवाली कांग्रेस ने केवल 15 सीटों पर ही जीत दर्ज की है. लेकिन वोट शेअरिंग के मामले में कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही. जिसे 75 सीटों पर 2 लाख 29 हजार 557 वोट मिले है. खास बात यह है कि, अजीत पवार गुट वाली राकांपा ने अमरावती महानगर पालिका की कुल 87 सीटों में से 85 सीटों पर अपने प्रत्याशी खडे किए थे. जिसमें से राकांपा के मात्र 11 प्रत्याशी ही निर्वाचित हुए. लेकिन वोट शेअरिंग के मामले में अजीत पवार गुट वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी 2 लाख 20 हजार 758 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही.
अमरावती महानगर पालिका के चुनाव में सबसे बडा कमाल और उलटफेर विधायक रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी तथा सांसद असदउद्दीन ओवैसी की एमआईएम ने किया. युवा स्वाभिमान पार्टी ने मनपा के चुनाव में 36 सीटों पर अपने प्रत्याशी खडे किए थे. जिसमें से युवा स्वाभिमान पार्टी के 15 प्रत्याशी विजयी हुए और युवा स्वाभिमान पार्टी को 1 लाख 9 हजार 931 वोट भी मिले. वहीं दूसरी ओर महज 25 सीटों पर चुनाव लडनेवाली एमआईएम के भी 12 पार्षद निर्वाचित हुए है और एमआईएम ने 25 सीटों से 1 लाख 11 हजार 41 वोट भी हासिल किए. इन आंकडों को देखते हुए कहा जा सकता है कि, युवा स्वाभिमान पार्टी सीटों के मामले में चौथे व वोटों के मामले में पांचवे स्थान पर रही. जबकि एमआईएम वोटों के मामले में चौथे एवं सीटों के मामले में पांचवे स्थान पर रही.
इन सबके अलावा मनपा के चुनाव में 74 सीटों पर अपने प्रत्याशी खडे करनेवाली शिवसेना (शिंदे गुट) का मनपा के चुनाव में सीटों और वोटों के मामले में बुरा हाल कहा जा सकता है. क्योंकि 74 में से केवल 3 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई और शिंदे गुट वाली शिवसेना को 74 सीटों पर केवल 74 हजार 280 वोट ही मिले.
* बहुसदस्यीय प्रभाग पद्धती से हुए मतदान
– हर मतदाता को देने थे 4-4 वोट
ध्यान दिला दें कि, अमरावती महानगर पालिका के चुनाव बहुसदस्यीय प्रभाग पद्धती से कराए गए. जिसमें प्रभाग क्र. 9 एसआरपीएफ-वडाली यह एकमात्र प्रभाग में तीन सदस्यीय प्रभाग पद्धती थी. वहीं शेष 21 प्रभागों को 4-4 सदस्यीय रखा गया था. जिसके चलते हर प्रभाग के मतदाताओं को इसी अनुरुप वोट डालने थे. ऐसे में हर प्रभाग की मतदाता संख्या की तुलना में वैध मतों की संख्या 4 गुना अधिक दिखाई दे रही है. क्योंकि प्रत्येक मतदाता द्वारा ‘अ’,‘ब’, ‘क’ व ‘ड’ ऐसी चार सीटों के लिए प्रत्याशी चुनने हेतु अपने वोट डाले गए. जिसके चलते प्रत्येक पार्टी को मिले कुल वोटों की संख्या को लेकर थोडा संभ्रम बना हुआ है. जिसमें काफी गुणा-भाग करते हुए पार्टियों की असल वोट शेअरिंग निकाले जाने की संभावना बनी हुई है.

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