अपने ही बेटे की हत्या करने वाले क्रूर पिता को आजीवन कारावास
यवतमाल जिले के पांढरकवडा तहसील की वर्ष 2020 की घटना

पांढरकवडा/दि.20 – अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिजीत देशमुख ने एक क्रूर पिता को क्रोध में आकर अपने डेढ़ वर्षीय प्यारे बच्चे की हत्या करने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. आरोपी का नाम पिंटू सुधाकर चव्हाण (27) है, जो पांढरकवडा तहसील के गणेशपुर (वाई) का निवासी है.
अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त सरकारी अभियोजक रमेश मोरे उपस्थित हुए. पांच महत्वपूर्ण गवाह परखे गए और प्रभावी दलीलें पेश की. अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिजीत देशमुख ने अभियोजन पक्ष की याचिका स्वीकार करते हुए आरोपी पिंटू सुधाकर चव्हाण को आईपीसी की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास, आईपीसी की धारा 323 के तहत छह महीने का कठोर कारावास और आईपीसी की धारा 324 के तहत दो साल का कठोर कारावास की सजा सुनाई. सहायक पुलिस निरीक्षक मनोहर कुमरे ने संपर्क अधिकारी के रूप में कार्य किया.
* घटना क्या है?
17 मई 2020 को, लगभग रात 8:30 बजे आरोपी के बड़े बेटे शिवम को आरोपी पिंटू चव्हाण ने बिना किसी कारण के चेहरे पर घूंसा मारा. आरोपी की पत्नी सायनाबाई ने पूछा कि बेटे को क्यों मारा गया. जब उसने अपने पति से उसे जान से मारने के लिए कहा, तो आरोपी क्रोधित हो गया. पत्नी से बहस करने के बाद, उसने उसकी गोद से डेढ़ साल के बच्चे सावन को छीन लिया और फिर बच्चे को घर के पास बाबूलाल राठौड़ के खेत में ले गया. उन्होंने बच्चे के दोनों पैर पकड़े, उसे जमीन पर पटक दिया और बेरहमी से उसके सिर और चेहरे पर लात मारी और उन्होंने उसकी छाती पर वार करके उसे मार डाला.





