भाजपा विधायक संदीप जोशी का राजनीतिक सन्यास
मुख्यमंत्री के निकटवर्तीय माने जानेवालों में खलबली

नागपुर/दि.20 – मनपा चुनाव में सफलता की खुशी मनाते समय भाजपा को बडा झटका लगा हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निकटवर्ती और विधान परिषद विधायक संदीप जोशी ने सक्रिय राजनीति से सेवानिविृत्त की घोषणा की हैं. 55 वर्षीय जोशी की विधान परिषद सदस्यता 13 मई को समाप्त हो रही हैं. उसके बाद विधायकी नहीं स्विकारने की बात उन्होंने स्पष्ट की.
इस बाबत संदीप जोशी ने सोमवार को पत्र जारी किया हैं. उनके समर्थकोंं ने यह भूमिका पीछे लेने के लिए लक्ष्मीनगर परिसर में प्रदर्शन भी किया. राजनीति यह मेरे लिए हमेशा पद अथवा प्रतिष्ठा की बजाए अलग, समाजसेवा और निष्ठा की राह थी. लेकिन आज सत्ता के लिए जारी पक्षांतर, लालसा और बढी स्पर्धा सामान्य मतदाताओं समेत निष्ठावान कार्यकर्ताओं को भी बेचैन कर रही हैं. मर्यादित सीट और बढी हुई अपेक्षा के कारण कोई रूकने तैयार नहीं हैं. यह चित्र देखकर अब खुद को ही रोकने का इतिहास दिल में पक्का होता गया हैं. इस कारण युवाओं को अवसर देने के लिए राजनीतिक गतिविधियों को पूर्णविराम देने की बात संदीप जोशी ने अपने पत्र में कहीं हैं.
* किस पल ने भयभीत किया?
जारी किए गए पत्र में जोशी ने जीवन में कुछ पल हमें भीतर से भयभीत करते है, ऐसे समय खुद को न्याय देते आया तो ही जीना अर्थपूर्ण साबित होता है, ऐसा उन्होंने कहा है. नागपुर मनपा चुनाव के दौरान जोशी के निकटवर्तीय कार्यकर्ताओं को पार्टी ने टिकट देने से इंकार किया था. पश्चात कुछ दिनों में ही जोशी की तरफ से यह निर्णय घोषित होने से पार्टी की ऐसी किन बातों से उन्हें झटका लगा है, ऐसा सवाल उपस्थित हो रहा हैं.
* जोशी ने लिखि कुछ पंक्तियां
कुर्सी नहीं, किमत बचाने चला हूं,
शोर नहीं, सुकून चुनने चला हूं.
किसी और की राह रोशन हो सके,
इसलिए खुद एक कदम पीछे हटा हूं.
* जोशी का ऐसा रहा सफर
चार दफा नगर सेवक, स्थायी समिति अध्यक्ष, महापौर, विधान परिषद सदस्य.





