राज्य की सडक दुर्घटनाओं का प्रमाण कम करने गृह विभाग ने उठाए कदम

923 करोड रुपए किए मंजूर

* ब्लैक स्पॉट पर इंटीग्रेटेड ट्रैफीक मैनेजमेंट सिस्टीम होगी कार्यान्वित
अमरावती/दि.20- राज्य की सडक दुर्घटनाओं का प्रमाण कम करने के लिए और यातायात व्यवस्था में सुधार लाने के लिए गृह विभाग ने बडे कदम उठाएं है. महाराष्ट्र के 36 जिलों में 21 हजार 400 किमी लंबे मार्गों के 861 ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना क्षेत्र) पर अब इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टीम कार्यान्वित की जानेवाली हैं. इस महत्वाकांक्षी प्रकल्प के लिए 923.05 करोड रुपए खर्च को गृह विभाग ने प्रशासकिय मंजूरी दी हैं. इस प्रणाली की विशेषता यानी यह पूरी तरह बिना वायरलेस तकनीकी ज्ञान पर आधारित रहेगी. इसके लिए 4 जी और 5जी मोबाईल तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल किया जानेवाला हैं.
* 24 घंटे निगरानी, सौर उर्जा पर चलेंगे उपकरण
विद्युत उर्जा के लिए सौर उर्जा का अथवा उपलब्ध स्त्रोतों का इस्तेमाल किया जाएगा. इस कारण सडक सुरक्षा पर रियल टाईम नजर रखना संभव होनेवाला है. सर्वोच्च न्यायालय ने सडक सुरक्षा बाबत दिए निर्देश के मुताबिक गठित की गई सडक सुरक्षा निधि नियंत्रण समिति ने इस प्रकल्प का प्रस्ताव तैयार किया था. इस प्रकल्प का विस्तार बडा रहने से उसका विभाजन तीन मुख्य विभाग में किया गया हैं. इस यंत्रणा द्बारा प्रमुख रूप से खुले महामार्ग पर रफ्तार की मर्यादा का उल्लंघन करनेवाले तीन वाहनों पर अपने आप कार्रवाई होगी. विपरीत दिशा से वाहन चलाने वालों के कारण होनेवाली दुर्घटना रोकने के लिए ‘रियल टाईम अलर्ट’ मिलेगा तथा नियमों का उल्लंघन होने पर सीधे वाहन धारक के मोबाईल पर और नियंत्रण कक्ष में जारकारी दी जाएगी.
दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाना लक्ष्य
इस प्रणाली के कारण रफ्तार, गलत दिशा से वाहन चलाना और यातायात नियमों का उल्लंघन करनेवालों पर कडी नजर रखी जाएगी. जिससे मृत्यु का प्रमाण कम होने में सहायता होगी. संपूर्ण प्रकल्प के बिजली कनेक्शन के लिए स्वतंत्र 60 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है. विदर्भ के राष्ट्रीय महामार्ग, राज्य महामार्ग और महत्व के जिला मार्गों दुर्घटना स्थलों का चयन किया गया हैं. संबंधित जिले को निधि देकर यंत्रणा कार्यान्वित की जानेवाली हैं.

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