अमरावती के कुछ भाजपाई नवनीत पर कार्रवाई की बात कर रहे है

भाजपा नवनीत को बंगाल में स्टार प्रचारक बना रही है

* राष्ट्रीय नेता के रुप में है नवनीत राणा की पहचान
* अंदर की बात
अमरावती/दि.20 – हाल ही में हुए अमरावती मनपा के चुनाव के बाद भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं व पदाधिकारियों द्वारा अपनी ही पार्टी की कद्दावर नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग बडे जोर-शोर से उठाई जा रही है और आरोप लगाया जा रहा है कि, पूर्व सांसद नवनीत राणा की पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते मनपा चुनाव में पार्टी के कई प्रत्याशियों को हार का सामना करना पडा है. परंतु स्थानीय स्तर से उठ रही ये आवाजे ‘नगाडखाने में तूती’ की तरह साबित हो रही है. क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखनेवाली पूर्व सांसद नवनीत राणा को भाजपा द्वारा आगामी अप्रैल माह में होने जा रहे पश्चिम बंगाल के चुनाव हेतु अपना स्टार प्रचारक घोषित कर दिया गया है. जिसके चलते पूर्व सांसद नवनीत राणा के खिलाफ स्थानीय स्तर पर उठ रही आवाजों की अहमियत और असलियत को समझा जा सकता है.
उल्लेखनीय है कि, महज 12 वर्ष पहले राजनीतिक जीवन में सक्रिय हुई पूर्व सांसद नवनीत राणा ने एक तरह से राजनीति में अपना एक तप पूरा कर लिया है और इस दौरान तीन बार लोकसभा चुनाव लडने, पहली बार चुनाव में हार जाने, दूसरी बार जीतकर सांसद बनने तथा तीसरी बार फिर चुनाव हार जाने के चलते पूर्व सांसद नवनीत राणा ने तमाम राजनीतिक उतार-चढाव देख लिए. साथ ही साथ उन्होंने विगत कुछ वर्षों के दौरान भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ अपने अच्छे संबंध बनाते हुए खुद को कट्टर हिंदुत्ववादी चेहरे के तौर पर भी स्थापित कर लिया. जिसके चलते वे इस समय राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है. इस बात को ध्यान में रखते हुए भाजपा द्वारा उन्हें इससे पहले भी अलग-अलग चुनाव में अपना स्टार प्रचारक बनाया जा चुका है. साथ ही अब आगामी अप्रैल माह में होने जा रहे पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव हेतु भाजपा की ओर से जारी स्टार प्रचारकों की सूची में भी पूर्व सांसद नवनीत राणा के नाम का समावेश है. यानि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व द्वारा यह स्वीकार किया गया है कि, नवनीत राणा एक तरह से ‘चुनाव जीताउ’ चेहरा है. यही वजह है कि, उन्हें पश्चिम बंगाल जैसे संवेदनशील राज्य के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है. वहीं दूसरी ओर महज अमरावती तक अपनी सीमित पहचान रखनेवाले भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं द्वारा पार्टी नेतृत्व के सामने शिकायत रखी जा रही है कि, पूर्व सांसद नवनीत राणा की वजह से मनपा जैसे ‘लोकल चुनाव’ में पार्टी प्रत्याशियों की हार हुई है. ऐसे में दोनों स्थितियों की तुलना करते हुए साफ तौर पर समझा जा सकता है कि, पार्टी नेतृत्व द्वारा किसे कितनी तवज्जो और अहमियत दी जा रही है.
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि, अमरावती मनपा के चुनावी नतीजे घोषित होते ही अमरावती भाजपा में राणा विरोधी धडे ने जबरदस्त तरीके से सक्रिय होते हुए मनपा चुनाव में पराजित कुछ भाजपा प्रत्याशियों को साथ लेकर राणा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. जिसके तहत कुछ विजीत व पराजित प्रत्याशियों के नाम व हस्ताक्षर वाला पत्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम जारी करते हुए पूर्व सांसद नवनीत राणा के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई गई थी. इसके तुरंत बाद पत्र में नाम शामिल रहनेवाले कई प्रत्याशियों ने सोशल मीडिया पर अपने वीडियो संदेश जारी करते हुए खुलासा किया कि, उनका इस पूरे मामले से कोई संबंध नहीं है. साथ ही उनकी पूर्व सांसद नवनीत राणा को लेकर कोई शिकायत भी नहीं है. साथ ही साथ मनपा चुनाव में विजयी रहे भाजपा के कई प्रत्याशियों ने अपनी जीत का श्रेय पूर्व सांसद नवनीत राणा को देते हुए सोशल मीडिया पर अपने वीडियो संदेश जारी किए है. जिसके चलते विरोधी खेमे द्वारा पूर्व सांसद नवनीत राणा को लेकर खोला गया मोर्चा फिलहाल बेअसर साबित होता दिखाई दे रहा है. साथ ही साथ ऐसे तमाम प्रयासों की बची-खुची हवा को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा राणा को बंगाल चुनाव हेतु स्टार प्रचार बनाए जाने ने निकाल दिया है. ऐसे में कहा जा सकता है कि, लोकल लेवल से उठ रही आवाजों और शिकायतों का फिलहाल पूर्व सांसद नवनीत राणा की नैशनल लेवल वाली पहचान पर कोई असर पडता नहीं दिख रहा. जिसके चलते कट्टर हिंदुत्ववादी चेहरे के तौर पर पहचान रखनेवाली नवनीत राणा अब जल्द ही बंगाल में टिएमसी नेता व मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी के खिलाफ दहाडती दिखाई देंगी.

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