ब्रजलाल बियाणी महा. में इंटरप्रेन्योर व स्टार्टअप पर प्रेरणादायी व्याख्यान
वाणिज्य विभाग की पहल, विद्यार्थियों को रोजगारदाता बनने की दिशा में किया प्रेरित

अमरावती /दि.21 – स्थानीय ब्रजलाल बियानी महाविद्यालय के वाणिज्य एवं व्यवस्थापन विभाग द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा उन्हें रोजगारोन्मुख बनाने के उद्देश्य से निरंतर प्रयास किए जाते हैं. इसी कड़ी में विद्यार्थियों को व्यापार और उद्योग की ओर अग्रसर करने हेतु इंटरप्रेन्योरशिप एवं स्टार्टअप विषय पर एक विशेष व्याख्यान सत्र का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन विभाग प्रमुख डॉ. नीता होंगराऊ के मार्गदर्शन में किया गया. प्रस्तावना रखते हुए डॉ. नीता ने कहा कि वाणिज्य विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला उद्यमी बनाना है. उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा नियमित रूप से ‘मिनी बाजार’ उपक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें विद्यार्थी वस्तु चयन, उत्पादन अथवा क्रय, लागत निर्धारण, विक्रय, लाभ-हानि, विपणन आदि की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करते हैं और कॉलेज परिसर में अपने स्टॉल लगाकर वास्तविक व्यापारिक अनुभव अर्जित करते हैं.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता फाइनेंशियल एंड स्टार्टअप प्रमुख विनय शर्मा थे. उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जो करना चाहते हैं, उसे पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ करें. लक्ष्य पर नजर रखें और उसे प्राप्त करने के लिए पूरी शक्ति लगा दें. उन्होंने पारंपरिक व्यापार और नए स्टार्टअप के बीच अंतर तथा तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए बताया कि स्टार्टअप के लिए पूंजी कैसे जुटाई जाए, निवेशक कहां से मिल सकते हैं और फंडिंग की प्रक्रिया क्या होती है. साथ ही उन्होंने अपनी क्षमता पहचानने, उचित स्टार्टअप का चयन करने, अपडेट रहने और निरंतर प्रयासरत रहने की आवश्यकता पर बल दिया.
मुख्य वक्ता विनय शर्मा ने लोन प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज समय पर तैयार रखने की सलाह दी और यह भी कहा कि पैसा अचानक नहीं आता, उसके लिए धैर्य और मेहनत जरूरी होती है. उन्होंने विद्यार्थियों को असफलता से घबराने के बजाय उससे सीखने और नई राह बनाने का संदेश दिया. साथ ही क्रेडिट स्कोर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि क्रेडिट कार्ड का समय पर भुगतान न करने से क्रेडिट स्कोर खराब होता है, जिससे भविष्य में बैंक लोन देने में हिचकते हैं. इसके अतिरिक्त उन्होंने डिजिटल माध्यम से व्यापार संचालन की जानकारी भी दी, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक व्यवसायिक तरीकों की समझ प्राप्त हुई.
इस कार्यक्रम को महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दीपक धोटे के मार्गदर्शन तथा संस्था अध्यक्ष माननीय ओमप्रकाश लड्डा की शुभेच्छाओं से विशेष गरिमा प्राप्त हुई. आयोजन में डॉ. गिरीश डागा का विशेष सहयोग रहा. कार्यक्रम में प्रा. मीनल भूपतानी, प्रा. सोनल तिवारी, प्रा. सागर रायचूरा उपस्थित थे. संचालन प्रा. एकता लोढ़िया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. गिरीश डागा ने किया. विभाग की डॉ. ममता मेहता, डॉ. नेहा फंजे, डॉ. अर्चना आखरे सहित कल्पेश भट्टड़, कोकिला ताई, विजय सोनटक्के ने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग प्रदान किया.
इस व्याख्यान सत्र से लगभग 80 विद्यार्थियों को व्यापार, स्टार्टअप और उद्योग स्थापना की दिशा में प्रेरणा मिली. कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में उद्यमशीलता, आत्मविश्वास और नवाचार की भावना को सुदृढ़ किया, जो भविष्य में उन्हें सफल उद्यमी बनने की ओर अग्रसर करेगा.