जिप में भी ‘डागडुगी’ के कामों ने पकडी रफ्तार
नए पदाधिकारियों के स्वागत हेतु प्रशासन लगा काम पर

* जिप पदाधिकारियों के निवासस्थान हेतु 50 लाख व दालान हेतु 10 लाख का प्रावधान
अमरावती /दि.21 – नगर पालिका व नगर पंचायत तथा महानगर पालिका के चुनाव निपटने के बाद अब जल्द ही आगामी समय में जिला परिषद व पंचायत समितियों के चुनाव होनेवाले है. जिसके लिए जिला परिषद प्रशासन द्वारा अभी से ही तैयारिया करनी शुरु कर दी गई है. जिसके तहत जिप पदाधिकारियों के निवासस्थानों हेतु 50 लाख तथा मुख्यालय स्थित दालानों हेतु 10 लाख रुपए के देखभाल व दुरुस्ती खर्च का प्रावधान किया गया है. जिसके जरिए जिप पदाधिकारियों के निवासस्थानों व दालानों में इस समय ‘डागडुगी’ के काम भी शुरु कर दिए गए है.
बता दें कि, मार्च 2022 में जिला परिषद के तत्कालिन पदाधिकारियों व सदस्यों का पंचवार्षिक कार्यकाल खत्म हुआ था. जिसके बाद तब से लेकर अब तक जिला परिषद व पंचायत समितियों में प्रशासकराज चल रहा है. परंतु अब बहुत जल्द जिला परिषद व पंचायत समिति के आम चुनाव होनेवाले है. जिसमें जिप व पंस के सदस्यों का निर्वाचन होगा और फिर उनमें से ही जिप पदाधिकारियों का चयन किया जाएग. इस बात को ध्यान में रखते हुए जिला परिषद प्रशासन ने पदाधिकारियों के सरकारी बंगलों व मुख्यालय स्थित कार्यालयों की डागडुजी के काम को करना शुरु कर दिया है.
जिप प्रशासन के मुताबिक जिप व पंस के चुनाव कब होंगे, यह अनिश्चित रहने के चलते पदाधिकारियों के निवासस्थानों व दालानों की देखभाल व दुरुस्ती के लिए प्रतिवर्ष किए जानेवाले प्रावधान को विगत तीन वर्षों से साल-दरसाल आगे धकेला जा रहा था. ऐसे में अब चूंकि जल्द ही चुनाव होने की पूरी संभावना बनती दिखाई दे रही है, तो जिप कर्मचारी वसाहत परिसर में बनाए गए पदाधिकारियों के निवासस्थानों तथा जिप मुख्यालय स्थित उनके दालानों के दुरुस्ती कार्य को शुरु कर दिया गया है. उल्लेखनीय है कि, जिला परिषद में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सहित चार विषय समितियों के सभापति मिलाकर कुल 6 पदाधिकारी होते है. जिप अध्यक्ष के पास आमसभा के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी रहने के साथ ही स्थायी समिति व जल व्यवस्थापन समिति के पदसिद्ध सभापति पद का जिम्मा भी होता है. साथ ही जिप उपाध्यक्ष के पास भी दो समितियों के सभापति पदों की जिम्मेदारी रहती है. इसके अलावा महिला व बालविकास तथा समाज कल्याण समिति के दो स्वतंत्र सभापति रहते है. साथ ही अन्य दो सभापतियों के पास शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त व निर्माण इन चार विभागों में से दो-दो विभागों का जिम्मा रहता है. इन सभी पदाधिकारियों के निवासस्थान व कार्यालय की सुविधा सरकार की ओर से की जाती है. जिसके चलते उनके निवासस्थानों व कार्यालयों के देखभाल व दुरुस्ती का काम भी सरकार की ओर से ही समय-समय पर किया जाता है. जिसके लिए आवश्यक निधि का प्रावधान भी किया जाता है.
* वाहन भी उपलब्ध कराए जाएंगे
जिला परिषद के पदाधिकारियों को समय-समय पर पूरे जिलेभर में यात्रा भी करनी पडती है. इसके लिए वे सरकारी अथवा निजी वाहन का प्रयोग कर सकते है. निजी वाहन का प्रयोग करने पर जिला परिषद प्रशासन द्वारा अलग से इंधन भत्ता दिया जाता है. परंतु वह पर्याप्त नहीं रहने के चलते सभी पदाधिकारियों द्वारा सरकारी वाहन की ही मांग की जाती है. जिसके चलते सरकारी वाहन हेतु लगनेवाले इंधन एवं चालक की व्यवस्था भी जिप प्रशासन द्वारा ही की जाती है.





