मनोरुग्ण युवक के हमले में दो बुज़ुर्गों की मौत, आर्वी में सनसनी,

बीच बाजार में खूनखराबा, पूरा शहर स्तब्ध

वर्धा/दि.20- जिले के आर्वी शहर में गुरुवार सुबह करीब 11 बजे एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया. बाजार की भीड़ में अचानक एक मानसिक रूप से असंतुलित युवक ने लकड़ी के डंडे से अंधाधुंध हमला कर दिया, जिसमें दो बुज़ुर्गों की मौके पर और इलाज के दौरान मौत हो गई. घटना के बाद बाजार क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और शहर कुछ समय के लिए पूरी तरह सुन्न हो गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी युवक, जो इलाके में ‘विक्षिप्त’ के रूप में जाना जाता था, पूरी तरह नग्न अवस्था में हाथ में खाट का डंडा लेकर बाजार में घूमने लगा. लोगों ने उसे समझाने और शांत करने की कोशिश की, लेकिन उसने उल्टा लोगों पर हमला शुरू कर दिया. देखते ही देखते भगदड़ मच गई. कई लोग भागने में सफल रहे, लेकिन दो बुज़ुर्ग अपनी उम्र और कमजोरी के कारण बच नहीं सके. इस हमले में 90 वर्षीय संजय राऊत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 70 वर्षीय रामाजी वांगे गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई. घटना में एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसका इलाज जारी है.
आरोपी की पहचान मयुरेश उर्फ मातेश लाडके के रूप में हुई है. हमले के बाद आक्रोशित भीड़ ने उसे पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी. बाद में उसे लकड़ी के डंडे से बांधकर आर्वी पुलिस के हवाले कर दिया गया. भीड़ की मार से आरोपी भी घायल हुआ है और फिलहाल उसका इलाज कराया जा रहा है. घटना की सूचना मिलते ही आर्वी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. हजारों की संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए थे. पूरे बाजार क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया, हालांकि पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर शांति व्यवस्था बहाल कर दी है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य की भी चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है.
* समाज और प्रशासन के लिए गंभीर सवाल
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और समाज की जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है. आमतौर पर ऐसे लोगों के प्रति समाज सहानुभूति दिखाने और उन्हें संभालने की कोशिश करता है, लेकिन जब कोई व्यक्ति हिंसक हो जाए, तो समय पर प्रशासनिक हस्तक्षेप और उपचार की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है.

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