‘मधाचे गाव’ योजना के तहत आमझरी में आदिवासी महिलाओं को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण

‘मधाचे गाव’ योजना के तहत आमझरी में आदिवासी महिलाओं को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण
अमरावती/दि.22 – महाराष्ट्र राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग मंडल की संकल्पना से संचालित ‘मधाचे गाव’ योजना के अंतर्गत जिले के आमझरी गांव में स्थानीय आदिवासी महिलाओं को सातेरी मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
प्राकृतिक संसाधनों और भरपूर फूलों से समृद्ध इस क्षेत्र में मधुमक्खी संवर्धन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, शहद एवं उससे बनने वाले उत्पादों के विपणन की व्यवस्था तथा मधु-पर्यटन के जरिए गांव को आत्मनिर्भर बनाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है. राज्य के पहले चरण में चयनित 10 गांवों में आमझरी का समावेश है. वर्तमान में जिलाधिकारी आशीष येरेकर के मार्गदर्शन में यहां विभिन्न उपक्रम संचालित किए जा रहे हैं.
फिलहाल गांव की 21 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. भविष्य में प्रत्येक घर से कम से कम एक सदस्य को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है. प्रशिक्षण के दौरान मधुमक्खियों की प्रजातियां, प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले मधुमक्खी छत्तों से वैज्ञानिक पद्धति से शहद संग्रहण, शहद उद्योग से जुड़े उप-उत्पाद तथा मधुमक्खी पालन से संबंधित तकनीकी जानकारी प्रदान की जा रही है.
इसके साथ ही गांव में प्रशिक्षण के साथ मधु-पेटियों का वितरण, मधुबन की स्थापना, सामूहिक सुविधा केंद्र तथा सूचना केंद्र का निर्माण किया जा रहा है. इन उपक्रमों से आमझरी गांव को शहद उत्पादन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, यह जानकारी जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने दी.

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