अमरावती में महापौर पद सभी के लिए ‘खुला’

आरक्षण में अमरावती हेतु सर्वसाधारण प्रवर्ग का निकला ड्रॉ

* ‘ओपन’ सीट रहने से किसी भी महिला या पुरुष पार्षद द्वारा किया जा सकता है महापौर पद पर दावा
* कुल 87 नगरसेवकों में से हर प्रवर्ग के नगरसेवक हैं महापौर पद की दावेदारी के लिए पात्र
अमरावती/दि.22 – महापौर पद के आरक्षण ड्रॉ में अमरावती को ‘सर्वसाधारण (ओपन पुरुष)’ श्रेणी में रखा गया है. हालांकि, इस श्रेणी के तहत सर्वसाधारण महिला भी महापौर बन सकती है, क्योंकि ‘सर्वसाधारण’ वर्ग सभी प्रवर्गों के लिए खुला होता है. प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार, सर्वसाधारण कैटेगिरी में सभी प्रवर्गों के महिला और पुरुष नगरसेवकों में से कोई भी महापौर पद का उम्मीदवार बन सकता है. अमरावती में कुल 87 नगरसेवक हैं और सभी इस पद के लिए पात्र होंगे. इसी वजह से राजनीतिक हलकों में इसे अमरावती के लिए ‘लकी ड्रॉ’ माना जा रहा है.
अमरावती महानगर पालिका के महापौर पद के लिए आरक्षण के ड्रॉ में ‘सर्वसाधारण’ श्रेणी निकलने से स्थानीय स्तर पर महापौर पद की दौड़ सबसे खुली और दिलचस्प हो गई है, क्योंकि अब किसी भी जाति, वर्ग या लिंग का नगरसेवक इस पद के लिए दावा ठोक सकता है, जिसके चलते महापौर पद के लिए इच्छुक दावेदारों व संभावित चेहरों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा व खींचतान के जमकर तेज होने के पूरे आसार दिखाई दे रहे है. विश्लेषकों का मानना है कि यह आरक्षण व्यवस्था केवल पदों का बंटवारा नहीं, बल्कि आगामी पांच वर्षों तक नगर निगमों की राजनीति की दिशा तय करने वाला फैसला है. अमरावती में खास तौर पर यह फैसला सत्ता संतुलन को पूरी तरह बदल सकता है.
* राज्य की सभी 29 महानगर पालिकाओं हेतु निकला महापौर पद के आरक्षण का ड्रॉ
आज दोपहर मुंबई स्थित मंत्रालय की छंठवीं मंजिल पर नगर विकास विभाग के सभागृह में राज्य की 29 महानगर पालिकाओं के महापौर पद हेतु आरक्षण के ड्रॉ की प्रक्रिया पूरी की गई तथा लॉटरी पद्धती से अलग-अलग महानगर पालिकाओं के महापौर पद हेतु आरक्षण के ड्रॉ निकाले गए. जिसके तहत अनुसूचित जनजाति यानि एसटी संवर्ग हेतु 1, अनुसूचित जाति यानि एससी संवर्ग हेतु 3, ओबीसी संवर्ग हेतु 8 तथा सर्वसाधारण यानि खुला संवर्ग हेतु 17 महापौर पद आरक्षित हुए. इसमें से 50 फीसद पदों को महिलाओं हेतु आरक्षित किया गया. इसके तहत एससी संवर्ग के 2, ओबीसी संवर्ग के 4 तथा सर्वसाधारण संवर्ग के 9 महापौर पद महिलाओं के लिए आरक्षित हुए है.
इस व्यवस्था के तहत कल्याण-डोंबिवली मनपा में अनुसूचित जनजाति (एसटी), ठाणे में अनुसूचित जाति (पुरुष) तथा जालना व लातूर में अनुसूचित जाति (महिला), पनवेल, इचलकरंजी, कोल्हापुर, उल्हासनगर में ओबीसी (पुरुष), जलगांव, चंद्रपुर, अहिल्या नगर, अकोला में ओबीसी (महिला), छ. संभाजी नगर, परभणी, सांगली-मिरज-कुपवाड, अमरावती, वसई विरार, सोलापुर, पिंपरी चिंचवड, भिवंडी निजामपुर में सर्वसाधारण (खुला) तथा पुणे, धुले, बृहन्मुंबई, नई मुंबई, नांदेड-वाघाला, मालेगांव, मीरा भाईंदर, नागपुर, नाशिक में सर्वसाधारण (महिला) संवर्ग से महापौर चुने जाएंगे.
* ऐसे रहेगा 29 महानगर पालिकाओं में महापौर पदों का आरक्षण
– अनुसूचित जनजाति (एसटी) – 1 सीट – कल्याण-डोंबिवली
– अनुसूचित जाति (एससी) – 3 सीटें – ठाणे, जालना (महिला), लातूर (महिला)
– ओबीसी (पुरुष) – 4 सीटें – पनवेल, इचलकरंजी, कोल्हापुर, उल्हासनगर,
– ओबीसी (महिला) – 4 सीटें – जलगांव, चंद्रपुर, अहिल्या नगर, अकोला
– सर्वसाधारण (खुला) – 8 सीटें – छ. संभाजी नगर, परभणी, सांगली-मिरज-कुपवाड, अमरावती, वसई विरार, सोलापुर, पिंपरी चिंचवड, भिवंडी निजामपुर
– सर्वसाधारण (महिला) – 9 सीटें – पुणे, धुले, बृहन्मुंबई, नई मुंबई, नांदेड-वाघाला, मालेगांव, मीरा भाईंदर, नागपुर, नाशिक                    * ‘अमरावती मंडल’ ने फिर साबित की अपनी विश्वसनीयता
यहां यह विशेष तौर पर ध्यान दिलाया जा सकता है कि, आज सुबह जैसे ही मुंबई स्थित मंत्रालय में जैसे ही राज्य की 29 महानगर पालिकाओं के महापौर पद के लिए आरक्षण के ड्रॉ की प्रक्रिया शुरु हुई, तो उसके तुरंत बाद अति उत्साह में आकर कुछ स्थानीय मीडिया कर्मियों ने अमरावती का महापौर पद सर्वसाधारण (महिला) संवर्ग के लिए आरक्षित रहने की खबर ‘ब्रेकिंग न्यूज’ के तौर पर चलानी शुरु कर दी. जबकि उस समय अमरावती महानगर पालिका के नाम के सामने चार्ट में केवल ‘सर्वसाधारण’ ही लिखा हुआ था और उस समय सभी संवर्गों से महिलाओं हेतु आरक्षित होनेवाले महापौर पदों की ड्रॉ प्रक्रिया का पूरा होना भी बाकी था. लेकिन इसके बावजूद कुछ मीडिया संस्थानों व युट्यूब चैनलों ने गलत खबर चलाकर भ्रमवाली स्थिति पैदा कर दी थी. परंतु खबरों के साथ ही तथ्यों पर भी अपनी पैनी नजर रखनेवाले दैनिक ‘अमरावती मंडल’ ने तुरंत ही मुंबई मंत्रालय स्थित अपने संपर्क सूत्रों के जरिए असल स्थिति की जानकारी हासिल की और फिर तथ्यात्मक ‘ब्रेकिंग न्यूज’ जारी की. जो देखते ही देखते सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म पर जमकर वायरल भी हुई. जिसने ‘अमरावती मंडल’ की विश्वसनीयता को एक बार फिर साबित और मजबूत करने का काम किया.

 

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