लाडली बहन योजना में योग्य महिलाओं का घोर अपमान

चांदूर बाजार में आक्रोश, महिला प्रहार की संघर्ष की चेतावनी

चांदूर बाजार/दि.22 – राज्य सरकार की मशहूर योजना, मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना से अचलपुर तहसील के चांदूर बाजार इलाके की हजारों पात्र महिलाओं के नाम बिना किसी पूर्व सूचना के हटा दिए जाने के बाद नाराज महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई है. महिला प्रहार जनशक्ति पार्टी का आरोप है कि यह सरकार का अन्याय है, जो गरीब, मेहनती महिलाओं के मुंह से रोजी-रोटी छीन रही है. सभी शर्तों के बावजूद, दस्तावेज और सत्यापन पूरे होने के बाद भी, बैंक लिंकिंग, आधार प्रमाणीकरण और तकनीकी त्रुटियों का हवाला देते हुए महिलाओं का मानदेय अचानक रोक दिया गया है. प्रशासन की लापरवाही के कारण महिलाओं का जीवन खतरे में पड़ गया है और यह महिलाओं की गरिमा और अस्तित्व पर एक बड़ा प्रहार है.
महिला प्रहार का आरोप है कि प्रशासन ने उस पैसे को रोककर महिलाओं को भुखमरी की ओर धकेल दिया है, जिस पर वे घरेलू खर्च, चूल्हा, बच्चों की शिक्षा और दवाइयों के लिए निर्भर थीं. कार्यालयों से महिलाओं को गोलमोल जवाब दिए जा रहे हैं और कोई ठोस जानकारी नहीं दी जा रही है, इसलिए महिलाओं का धैर्य अब टूट रहा है.21 जनवरी को तहसील कार्यालय में जवाब मांगा गया. इस घोर अन्याय के खिलाफ 21 जनवरी को दोपहर 1 बजे चांदूर बाजार तहसील कार्यालय में महिला प्रहार जनशक्ति पार्टी कड़ा और आक्रामक बयान दिया है. यदि समय रहते कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो लोकतांत्रिक माध्यमों से व्यापक और प्रशासन को हिला देने वाला विरोध प्रदर्शन शुरू करने की सीधी चेतावनी दी गई है. इस समय रीना अशोक लेंडे, कंचन संजय सोनो,सरला दीपक मेंडे,शीतल पवन बोंडे, पूजा प्रवीण वानखड़े, अर्चना राहुल खडसे,पूजा प्रवीण वानखेड़े, लक्ष्मी प्रशांत राऊत,तेजश्री सूरज उर्फी, तनुजा सूरज पुरी, सपना नाती, दीपाली प्रफुल धर्माधिकारी, वैशाली संजय सावरकर,कल्पना राजेश शिरभते, सुषमा नितिन सातपुते, ज्योति प्रदीप तान, नेहा अग्रवाल, रानी वैद्य, उज्ज्वला अनिल देशमुख, तृप्ति विनोदराव टेबल, वैशाली कैलाश गणोरकर ,सुलभ सागर अटालकर, प्रिति मनोज साबले,अंजली राजेश शिनकर, ईशा राजेश शिनकर, स्वाति आकाश वानखडे, ऋतुजा खांडेकर, तैमीना फिरदौस मोहम्मद सहेबाज, अफसाना बानो सईद, कल्पना संजय क्षीरसागर, ज्योति प्रदीप तानवे, उज्ज्वला अनिल देशमुख ज्योति सांगाने, ऐश्वर्या अभिजीत शिरभाते, कविता शेखर पारधी, माधुरी गजानन इंगले, सरला इंगले समेत अनेक महिलाओं का समावेश था. इस आंदोलन का नेतृत्व करनेवाली महिला प्रहार जनशक्ति पार्टी विदर्भ की महासचिव स्टेला मैडम, मंजू संतोष किटुकले और नेहा अग्रवाल ने स्पष्ट रूप से कहा, हम प्रशासन की लापरवाही के कारण योग्य महिलाओं के किसी भी अधिकार को छीनने नहीं देंगे. न्याय मिलने तक यह संघर्ष जारी रहेगा. महिला प्रहार जनशक्ति पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन पात्र महिलाओं को मानदेय का भुगतान तुरंत शुरू नहीं करता है, तो यह संघर्ष तहसील कार्यालय की सीमाओं से परे जाकर सड़कों पर उतरेगा.

Back to top button