चित्रा चौक फ्लाईओवर को लेकर हाईकोर्ट हुआ सख्त

5 फरवरी तक काम पूरा नहीं हुआ तो ठेकेदार को अवमानना कार्रवाई की चेतावनी

अमरावती /दि.23- विगत 7 वर्षों से अधर में लटके चित्रा चौक-इतवारा बाजार-नागपुरी गेट उड़ानपुल के अधूरे कार्य को लेकर मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने सख्त रुख अपनाया है. न्यायालय ने चेतावनी दी है कि यदि 5 फरवरी तक पुल के सभी निर्धारित कार्य पूरे नहीं हुए तो ठेकेदार मे. चाफेकर एंड कंपनी को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. ठेकेदार कंपनी की ओर से उच्च न्यायालय में शपथपत्र प्रस्तुत कर 5 फरवरी तक सभी कार्य पूर्ण करने की गारंटी दी गई है. इसकी सत्यता जांचने के लिए न्यायालय ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता को 8 फरवरी तक प्रगति रिपोर्ट सहित शपथपत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. यदि कोई कार्य अधूरा पाया जाता है तो उसके कारण स्पष्ट करने और ठेकेदार के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी देने का भी आदेश दिया गया है.
इस मामले की सुनवाई न्या. अनिल किलोर एवं न्या. राज वाकोडे की खंडपीठ के समक्ष हुई. उड़ानपुल का निर्माण शीघ्र पूरा कराने के लिए पूर्व पालकमंत्री डॉ. सुनील देशमुख द्वारा जनहित याचिका दायर की गई है. चित्रा चौक-इतवारा बाजार-नागपुरी गेट मार्ग शहर का अत्यंत व्यस्त मार्ग है, जहां प्रतिदिन यातायात जाम और दुर्घटनाएं होती रहती हैं. राज्य सरकार ने इस समस्या के समाधान हेतु वर्ष 2018 में मे. चाफेकर एंड कंपनी को उड़ानपुल निर्माण का ठेका दिया था, जिसे 3 जनवरी 2020 तक पूरा किया जाना अपेक्षित था. हालांकि कार्यादेश के सात वर्ष बीत जाने के बावजूद पुल का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है, जिससे नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शाहू चिखले ने न्यायालय में पक्ष रखा.

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