कुर्सी और सत्ता हमारा एजेंडा नहीं
मुंबई का महापौर शिवसेना का होगा या नहीं, पर बोले शिंदे

मुंबई./दि.23 – मुंबई महानगरपालिका में सत्ता का पेच सुलझने के बाद अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि मुंबई का अगला महापौर कौन होगा. शिवसेना (शिंदे गुट) द्वारा बालासाहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर महापौर पद पर दावा जताने की चर्चा तेज है. इसी बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मुंबई का महापौर महायुति का ही होगा, लेकिन कुर्सी और सत्ता उनका एजेंडा नहीं है. शिंदे ने कहा कि महायुति मजबूत और जिम्मेदार गठबंधन है, न कि ऐसा गठबंधन जो एक-दूसरे को कमजोर करे. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, कुर्सी और सत्ता हमारा एजेंडा नहीं है. हमारा एजेंडा यह है कि हम मुंबईकरों को क्या देने वाले हैं.
बता दें कि, 23 जनवरी 2026 से शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी वर्ष की शुरुआत हो रही है. इस ऐतिहासिक अवसर पर मुंबई महानगरपालिका पर भगवा फहराने और शिवसेना का ही महापौर बनने की मांग शिवसैनिकों की ओर से जोर-शोर से उठाई जा रही है. वहीं, भाजपा ने 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनने का दावा करते हुए महापौर पद पर अपना अधिकार जताया है. शिंदे गुट की ओर से ढाई-ढाई वर्ष का फार्मूला सुझाया गया है, लेकिन भाजपा अपने महापौर पर अड़ी हुई दिखाई देती है.
इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए शिंदे ने कहा, मुंबई का महापौर महायुति का होगा. मुंबईकरों ने हम पर भरोसा किया है. आने वाले पांच वर्षों में हम मुंबई को वैश्विक स्तर का शहर बनाएंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई को फिनटेक कैपिटल बनाने की बात कही है और इसे वैश्विक आर्थिक केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा है. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विकास की योजनाओं पर विरोध करने के बजाय यह देखना चाहिए कि आम मुंबईकर के जीवन में क्या बदलाव आएगा. शिंदे ने कहा, मुंबईकरों को जीवन में क्या मिलने वाला है, यही हमारा असली एजेंडा है.





