मनपा स्वास्थ्य विभाग के निबंधक व उपनिबंधक को ‘शोकॉज’
जन्म-मृत्यू फर्जी प्रमाणपत्र मामले में तीन दिन के भीतर मांगा खुलासा

अमरावती /दि.24 – महानगर पालिका के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के निबंधक डॉ. विशाल काले व उपनिबंधक डॉ. प्रतिभा आत्राम को फर्जी जन्म-मृत्यू प्रमाणपत्र मामले में शोकॉज नोटिस जारी करते हुए मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा चांडक ने उन्हें तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने कहा है.
विगत 20 जनवरी को जारी नोटिस के मुताबिक वितरित किए गए 1480 प्रमाणपत्रों का संदेहास्पद वितरण किया गया है. मुख्य निबंधक के तौर पर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विशाल काले पर जन्म-मृत्यू से संबंधित कार्रवाई करने की जिम्मेदारी है. जिन्होंने सरकार एवं प्रशासन से कोई पूर्व अनुमति लिए बिना अपनी जिम्मेदारी उपनिबंधक डॉ. प्रतिभा आत्राम के पास सौंप दी थी. जबकि सरकार की मंजूरी के बिना उपनिबंधक के तौर पर नियुक्ति ही नहीं की जा सकती. इसके बावजूद 24 अक्तूबर 2024 का आदेश निर्गमित करने के संदर्भ में गलत नस्ती प्रस्तावित कर वरिष्ठों की दिशाभूल की गई है. जन्म-मृत्यू से संबंधित जानकारी में कोई दुरुस्ती करना जरुरी रहने पर कार्यालयीन समय के दौरान निबंधक के मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त होता है, परंतु प्रमाणपत्र पर दुरुस्ती के लिए ओटीपी कार्यालयीन समय के अतिरिक्त प्राप्त हुआ है, यह बात बेहद गंभीर स्वरुप की है. साथ ही जिन नागरिकों ने अपने प्रमाणपत्र वापिस लौटा दिए है, उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है. जिससे स्पष्ट है कि, स्वास्थ्य विभाग ने कोई भी जांच-पडताल किए बिना कार्रवाई की है.
यहां यह भी विशेष उल्लेखनीय है कि, स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत शक्ति घोगले की जन्म-मृत्यू से संबंधित जानकारी दर्ज करने के संदर्भ में नागरिकों के साथ किए गए संभाषण की ऑडियो क्लीप सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई है. जिससे मनपा की प्रतिमा भी मलिन हुई है और जांच समिति ने भी अपना निरीक्षण दर्ज कराया है कि, मनपा के अधिकारियों का अपने अधिनस्थ कर्मचारियों पर कोई नियंत्रण नहीं है. ऐसे में इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए विगत 20 जनवरी को मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा ने निबंधक डॉ. विशाल काले व उपनिबंधक डॉ. प्रतिभा आत्राम के खिलाफ शोकॉज नोटिस जारी की है. जिस पर दोनों को अगले तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण देना होगा अन्यथा दोनों के खिलाफ प्रशासकीय कार्रवाई की जाएगी, ऐसी चेतावनी आयुक्त सौम्या शर्मा द्वारा दी गई है.
* शिकायतों को ध्यान में रखते हुए जांच पूरी हो चुकी है. जिसमें दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ कडी कार्रवाई किए जाने की मांग हमने पहले ही उठाई है. अब इस मामले में आयुक्त द्वारा दोषियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की जानकारी है. वहीं हमें इस मामले में ठोस कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा व उम्मीद है.
– बलवंत वानखडे
सांसद, अमरावती.