सितंबर 2026 तक ‘स्मार्ट’ परियोजना के सभी कार्य पूरे करें
परियोजना संचालक एम. जे. प्रदीपचंद्रन

अमरावती/दि.24 – अमरावती विभाग में बालासाहेब ठाकरे कृषि व्यवसाय एवं ग्रामीण परिवर्तन (स्मार्ट) परियोजना के अंतर्गत चल रहे सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, इसके लिए प्रशासन द्वारा ठोस प्रयास किए जा रहे हैं. स्मार्ट परियोजना के सभी उप-प्रकल्प सितंबर 2026 तक हर हाल में पूरे किए जाएं, ऐसे निर्देश परियोजना संचालक एम. जे. प्रदीपचंद्रन ने दिए.
अमरावती स्थित रामेती में आयोजित समीक्षा बैठक में परियोजना संचालक श्री प्रदीपचंद्रन ने विभाग के स्मार्ट परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की. इस अवसर पर विभागीय कृषि सहसंचालक गणेश घोरपडे, अतिरिक्त परियोजना संचालक उदय देशमुख, विभागीय नोडल अधिकारी डॉ. प्रशांत नाईक, किसान उत्पादक कंपनियों के प्रतिनिधि तथा क्रियान्वयन एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित थे.
प्रस्तावना में विभागीय कृषि सहसंचालक श्री घोरपडे ने बताया कि अमरावती विभाग में स्मार्ट परियोजना के माध्यम से कुल 69 गोदामों में 1,01,480 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता का निर्माण किया जा रहा है. अब तक 24 गोदाम पूर्ण हो चुके हैं, जिससे 47,900 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता उपलब्ध हुई है. इससे बाजार में उचित भाव न मिलने की स्थिति में किसानों को मजबूरी में फसल बेचने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. परियोजना संचालक श्री प्रदीपचंद्रन ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट परियोजना के अंतर्गत किसी भी उप-प्रकल्प को समय-वृद्धि नहीं दी जाएगी, इसलिए सभी कार्य सितंबर 2026 तक पूर्ण करना अनिवार्य है. बैठक में उन्होंने मार्केट लिंकेज, मशीनरी खरीदी की निविदा प्रक्रिया, बैंक ऋण, जीएसटी से संबंधित समस्याओं पर चर्चा कर किसान उत्पादक कंपनियों को मार्गदर्शन दिया. स्मार्ट परियोजना के अंतर्गत विभाग में 59 अनाज क्लीनिंग-ग्रेडिंग यूनिट, 28 दाल मिल तथा 12 संतरा प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही हैं. विभाग की 88 किसान उत्पादक कंपनियों को अब तक 87 करोड़ रुपये का अनुदान वितरित किया गया है, जिसमें से 47 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, यह जानकारी नोडल अधिकारी डॉ. प्रशांत नाईक ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी. बैठक में अतिरिक्त परियोजना संचालक उदय देशमुख ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए. साथ ही विभागीय जिला क्रियान्वयन कक्ष के अधिकारी भी उपस्थित थे.





