एमआईएम पार्षद सैयद राशीद अली के निर्वाचन को चुनौती
चुनावी हलफनामे में प्रलंबित फौजदारी मामलों की जानकारी नहीं देने का आरोप

* राकांपा प्रत्याशी सिराज मेमन ने जिला अदालत में दायर की चुनावी याचिका
* प्रभाग क्र. 15 छाया नगर-गवलीपुरा से एमआईएम की टिकट पर चुनाव जीते है राशीद अली
अमरावती/दि.24 – स्थानीय प्रभाग क्र. 15 छाया नगर-गवलीपुरा की ब-सीट से एमआईएम प्रत्याशी के तौर पर मनपा के चुनाव में विजयी रहते हुए पार्षद निर्वाचित हुए सैयद राशीद अली शौकत अली के निर्वाचन को उनके प्रतिस्पर्धी उम्मीदवार व राकांपा प्रत्याशी रहे सिराज सुलेमान मेमन ने चुनावी याचिका दायर कर जिला अदालत में चुनौती दी है. जिसमें आरोप लगाया गया है कि, चुनाव लडने हेतु प्रस्तुत नामांकन में सैयद राशीद अली ने अपने खिलाफ दर्ज अपराधिक यानि फौजदारी मामलों को लेकर जानकारी छिपाई थी. जिसके आधार पर सैयद राशीद अली के नामांकन को अवैध मानते हुए उनके निर्वाचन को खारिज किए जाने की मांग इस याचिका के जरिए उठाई गई है.
प्रभाग क्र. 15 की ब-सीट से मनपा चुनाव में पराजित रहे राकांपा प्रत्याशी सिराज मेमन ने अपने द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि निर्वाचित उम्मीदवार सैयद राशीद अली ने नामांकन पत्र एवं शपथ पत्र में अपने खिलाफ दो वर्ष से अधिक की सजा योग्य लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी निर्वाचन आयोग से छुपाई. याचिकाकर्ता के अनुसार, सैयद राशिद अली सैयद शौकत अली पर शहर कोतवाली पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 134/2018 के तहत भारतीय दंड संहिता की धाराएं 354, 294, 504 और 34 के अंतर्गत मामला दर्ज है, जो आर.सी.सी. क्रमांक 1395/2018 (महाराष्ट्र राज्य बनाम सैयद एवं अन्य) के रूप में न्यायालय में लंबित है. याचिका में सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय कृष्णमूर्ति बनाम शिवकुमार एवं अन्य का हवाला देते हुए कहा गया है कि आपराधिक पृष्ठभूमि का खुलासा न करने से मतदाता अंधेरे में रहते हैं और इससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होती है. न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि अपराधों की जानकारी छुपाना चुनाव को शून्य घोषित करने के लिए पर्याप्त आधार है.
चुनाव याचिकाकर्ता सिराज सुलेमान मेमन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एड. संदीप गुप्ता ने न्यायालय में याचिका दाखिल की है. मामले की सुनवाई जिला न्यायालय में लंबित है और आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशानुसार की जाएगी.





