हमारा दरवाजा सभी के लिए खुला, जिसे साथ आना है आए
भाजपा नेता व पालकमंत्री ने मनपा की सत्ता के लिए दिया खुला ‘ऑफर’

* अमरावती मनपा में भाजपा का महापौर व युति की सत्ता रहने का किया दावा
अमरावती/दि.24 – जिला नियोजन समिति की बैठक हेतु आज एक दिवसीय दौरे पर अमरावती पहुंचे राज्य के राजस्व मंत्री व जिला पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अमरावती मनपा में चुनाव पश्चात बन रहे राजनीतिक समीकरणों के बारे में स्थानीय मीडिया कर्मियों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि, भाजपा ने अपने सभी समविचारी दलों के लिए अपने दरवाजे खुले रखे है और उनसे मनपा में सत्ता स्थापित करने हेतु साथ आने का निवेदन भी किया है. ऐसे में जो साथ आना चाहता है, वह आ सकता है और यदि किसी राजनीतिक दल की भाजपा के साथ आने की इच्छा नहीं है, तो यह उस दल और उसके नेताओं की अपनी व्यक्तिगत सोच व समस्या है. जिसके बारे में वे कुछ नहीं कह सकते.
आज अमरावती दौरे पर पहुंचे पालकमंत्री बावनकुले से डीपीसी की बैठक से पहले मीडिया कर्मियों ने जिलाधीश कार्यालय परिसर स्थित जिला नियोजन भवन के प्रांगण में विभिन्न मुद्दों को लेकर सवाल-जवाब किए. जिसमें सबसे प्रमुख मुद्दा अमरावती महानगर पालिका में सत्ता को लेकर चल रहे समीकरणों पर ही केंद्रीत है. इस समय जब प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से पूछा गया कि, राकांपा नेता व विधायक संजय खोडके ने विधायक राणा के साथ होनेवाले किसी भी गठबंधन में शामिल नहीं होने की बात कही है और भाजपा द्वारा विधायक राणा के साथ गठबंधन किया जा रहा है. ऐसे में क्या उस गठबंधन में विधायक खोडके शामिल होंगे, तो इस सवाल का जवाब देते हुए मंत्री बावनकुले ने बेहद साफ व सपाट लहजे में कहा कि, भाजपा ने अपने सभी सहयोगी व समविचारी राजनीतिक दलों से मनपा में सत्ता स्थापित करने हेतु साथ आने का निवेदन किया है. ऐसे में अब जिसकी इच्छा होगी, वह साथ आएगा और जिसकी इच्छा नहीं होगी, वह नहीं आएगा. इसमें किसी के साथ कोई जबरदस्ती वाली बात नहीं है.
इसके साथ ही पालकमंत्री बावनकुले ने यह भी कहा कि, अमरावती मनपा के सदन में भाजपा की सीटें इस बार भले ही कुछ कम हुई है, लेकिन भाजपा ही सदन में सबसे बडी पार्टी है. इसके चलते इस बार भी अमरावती मनपा में महापौर भाजपा का ही रहेगा. वहीं भाजपा द्वारा अपने सहयोगी दलों के साथ युति करते हुए सत्ता स्थापित की जाएगी.
* एक माह के भीतर सभी तहसीलों में लगेंगे जनता दरबार
इस समय मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान मंत्री बावनकुले ने यह भी कहा कि, अमरावती जिले में अवैध खदानों एवं रेती की अवैध तस्करी को लेकर बडे पैमाने पर शिकायतें सामने आ रही है तथा यह जानकारी भी सामने आई है कि, मध्य प्रदेश के सीमा से होकर रोजाना करीब 400 ट्रक रेती लादकर अमरावती जिले में आते है. यह अपने-आप में बेहद गंभीर मामला है. जिसे लेकर जिला परिषद एवं राजस्व प्रशासन के खिलाफ आम नागरिकों में अच्छी-खासी नाराजगी भी है. इस बात के मद्देनजर उन्होंने जिलाधीश, जिप सीईओ व ग्रामीण एसपी को निर्देश दिया है कि, लोकशाही दिवस के निमित्त जिस तरह से जिला स्तर पर जनता दरबार का आयोजन किया जाता है, ठीक उसी तर्ज पर अब आगामी एक माह के भीतर जिले के सभी 14 तहसील मुख्यालयों में जनता दरबार का आयोजन किया जाए और तहसील स्तर की समस्याओं को ‘ऑन द स्पॉट’ हल किया जाए.
* हार के कारणों पर करेंगे चिंतन
पिछली बार अमरावती मनपा के चुनाव में भाजपा ने रिकॉर्ड 45 सीटें जीती थी. जबकि इस बार पार्टी केवल 25 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई. इसे लेकर पूछे गए सवाल पर पालकमंत्री बावनकुले का कहना रहा कि, पार्टी द्वार हार के कारणों पर विचार-मंथन एवं चिंतन किया जा रहा है. जिसके उपरांत पार्टी में किए जानेवाले सुधारों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा.
* भाजपा की एमआईएम के साथ कोई युति नहीं
इस समय अचलपुर नगर पालिका में भाजपा और एमआईएम द्वारा छिपे तौर पर हाथ मिला लिए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर पालकमंत्री बावनकुले ने कहा कि, भाजपा द्वारा एमआईएम के साथ कोई युति नहीं की गई है. अचलपुर नप में भले ही भाजपा का नगराध्यक्ष है, परंतु नप के सदन में पार्टी अल्प मत में है. जिसके चलते बहुमत तथा पक्षीय बलाबल के आधार पर अचलपुर में सभापति पदों पर एमआईएम के पार्षद चुने गए. इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.
* सन 2047 तक सत्ता के सपने देखना बंद करें संजय राऊत
इस समय पूछे गए एक राजनीतिक सवाल के जवाब में पालकमंत्री बावनकुले ने कहा कि, राज्य की सत्ता में भारतीय जनता पार्टी सन 2047 तक बनी रहेगी. ऐसे में शिवसेना उबाठा के प्रवक्ता व सांसद संजय राऊत ने सन 2047 तक मुंबई मंत्रालय की छठवीं मंजिल के बारे में सपना भी नहीं देखना चाहिए. साथ ही मुंबई में बनने जा रहे बिहार भवन के निर्माण को लेकर शिवसेना उबाठा व मनसे द्वारा किए गए विरोध का उल्लेख करते हुए मंत्री बावनकुले ने कहा कि, राज्य के अलग-अलग शहरों में अलग-अलग समाजों के समाज भवन व समाज मंदिर है. चूंकि मुंबई सहित राज्य के कई शहरों में बिहारियों सहित अन्य कई प्रांतों के लोगबाग बडी संख्या में रहते है, जो अपने सामाजिक उपक्रमों के लिए अपने समाज भवन बनाते है. जिसमें कुछ भी गलत नहीं है. ऐसे में किसी भी समाज भवन का विरोध करना पूरी तरह समझ से परे है.