एपीएमसी के विभाजन पर लगी रोक

अमरावती एपीएमसी संचालक मंडल को राहत

* 28 जनवरी को संयुक्त सुनवाई
* अधिसूचना को न्यायालयीन प्रक्रिया के खिलाफ बताया
अमरावती/दि.26 – अमरावती एपीएमसी के संचालक मंडल को भंग करने के बाद जिले के सहकार क्षेत्र में खलबली मच गई थी. हालांकि इस निर्णय के विरोध में संचालक मंडल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए याचिका दायर की थी. इस पर हाईकोर्ट ने संचालक मंडल को राहत देते हुए फिलहाल एपीएमसी के विभाजन पर रोक लगा दी हैं. इतना ही बल्कि प्रशासक की नियुक्ति पर भी स्थगनादेश दिया हैं.
शनिवार 24 जनवरी को मुंबई उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने अंतरिम स्थगनादेश देते हुए इस प्रकरण की सुनवाई 28 जनवरी को निर्धारित कि हैं. विशेष रूप से जिला उपनिबंधक सहकारी संस्था अमरावती द्बारा 22 जनवरी को जारी की गई अधिसूचना को अदालत ने अवैध बताते हुए न्यायालयीन प्रक्रिया के खिलाफ होने की टिप्पणी की है. समिति का विभाजन कर भातकुली में अलग बाजार समिति स्थापित करने के निर्णय पर हाईकोर्ट ने अस्थायी रोक लगाई है. साथ ही अमरावती और भातकुली दोनों बाजार समितियों पर नियुक्त किए गए प्रशासकों को अगले आदेश तक किसी भी तरह की कार्रवाई करने से रोक दिया गया है. इस आदेश से अमरावती के सहकार क्षेत्र की राजनीति में नया मोड आ गया है. जिला उपनिबंधक सहकारी संस्था अमरावती ने हाल ही में बाजार समिति के विभाजन की अधिसूचना जारी की थी. इस निर्णय के कारण पिछले छाई वर्षों से कार्यरत 17 सदस्यीय संचालक मंडल भंग हो गया था और दोनों बाजार समितियों पर प्रशासकों की नियुक्ति कर दी गई थी. इस कार्रवाई के विरोध में सभापति हरीष मोरे सहित संचालकों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी. सुनवाई के दौरान न्यायालय ने यह भी टिप्पणी करते हुए कहा कि इसी विषय पर पहले से दायर दो याचिकाओं में अंतिम आदेश देने पर रोक होने के बावजूद प्रशासनीक कब्जा लेना और कार्यालयों को सील करना यह प्रथम दृष्टि से न्यायालय के आदेश के खिलाफ है. इसलिए 28 जनवरी तक प्रशासकों को किसी भी तरह की कार्रवाई करने से प्रतिबंधित किया गया है. इस मामले की अगली सूनवाई 28 जनवरी को होगी. जिस पर पूरे सहकार क्षेत्र की नजर लगी हुई है.
* सच्चाई की जीत
न्यायालय के आदेश से सच्चाई की जीत हुई है. बिना किसी पूर्वसूचना के निर्वाचित संचालक मंडल को हटाना लोकमंत्र के खिलाफ था. न्यायालय द्बारा दी गई स्थगिति किसानों और व्यापारियों और सहकार क्षेत्र के हित में हैं.
– हरिष मोरे, सभापति
अमरावती, एपीएमसी

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