150 वर्ष पुरानी जिला परिषद शाला में भव्य चित्रकला स्पर्धा

गणतंत्र दिवस निमित्त श्री आर्टकला व कला निर्मिति के छात्रों ने किया चित्रकला स्पर्धा का प्रशिक्षण

अमरावती/दि.27 – वर्ष 1876 में स्थापित जिला परिषद एकेडमीक हाईस्कूल में 26 जनवरी निमित्त भव्य चित्रकला स्पर्धा ली गई. इस स्पर्धा में 150 जिला परिषद व मनपा के छात्राओं ने सहभाग लिया. यह स्पर्धा इतवारा बाजार परिसर में हुई.
जिला परिषद शाला यह काफी पूरानी शाला हैं. इस शाला से असंख्य विद्यार्थी शिक्षित हुए है. स्व. दादासाहब गवई की यह शाला वलगांव रोड पर हैं. इस शाला के मुख्याध्यापक कमल इकबाल व शाला बाताओं समिति संचालक के.एम.ए नसीम, फिरोज खान कातीब, नईम खान, सोहेल पठान, रफीक भाई आदि ने इस स्पर्धा का आयोजन किया था. कक्षा 10 वीं के बाद विद्यार्थियों को यदि इस कला क्षेत्र में करीअर करना होगा तो शाला में होनेवाली एलिमेंटरी और इंटरमिजिएड ग्रेड परीक्षा उत्तीर्ण होना पडता है. 10 वीं के कुल अंकों में 307 अंकों की बढोत्तरी की जाती है तथा उच्च शिक्षा लेने के लिए इस परिक्षा का विचार किया जाता हैं. 12 वीं की शिक्षा लेते समय महाराष्ट्र शासन की सीईटी सेल के जरीए होनेवाली बीडेस और केंद्रीय एनआइडी, यूएसईईडी परीक्षा के आधार पर फैशन डिजाईन, प्रोडक्ट डिजाइन, गेम डिजाइन, कम्युनिकेशन डिजाइन, थ्रीडी एनिमेशन, युआयूएक्स, ग्राफीक्स डिजाइन विषय में डिग्री के लिए प्रवेश मिलता हैं. जबकि फाईन आर्ट की एंट्रन्स परीक्षा का रजिस्ट्रेशन कर यह परिक्षा उत्तीर्ण करनी पडती है. सीईटी परीक्षा पास किए विद्यार्थियोंं को सीईटी के जरिए निजी महाविद्यालय में कम शुल्क में प्रवेश मिलता है तथा आरक्षण प्रवर्ग के विद्यार्थियों को आरक्षण निहाय कम शुल्क में प्रवेश मिलता हैं. महाराष्ट्र के नागपुर, औरंगाबाद, पुणे और मुंबई में सरकारी तथा निजी महाविद्यालय में उपलब्ध है. साथ ही महाराष्ट्र के बाहर भी संबंधित महाविद्यालय उपलब्ध हैं. इसके साथ ही महाराष्ट्र स्टेट स्कील डेवलपमेंट युनिवर्सिटी विशेष स्कील डेवलपमेंट यह विद्यापीठ उपलब्ध हैं. डिग्री के बाद इसी अभ्यासक्रम से पदव्यूत्तर शिक्षा ली जाती हैं. इसका मार्गदर्शन प्रा. सारंग नागठाने ने विद्यार्थियों को दिया. साथ ही इस स्पर्धा का निरीक्षण श्री आर्ट कला वर्ग व कला निर्मिति के विद्यार्थियों ने किया. इसमें जय ठाकरे, इशान काथवटे, क्रिष्णा जैनकर, सृष्टि सपकाल, निराली नेवारे, समृध्दि पेठे, उत्कर्षा वयले का समावेश था.

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