विद्युत भवन में 77वां गणतंत्र दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया
महावितरण सेवाओं में सुधार और शून्य बकाया का संकल्प

अमरावती/दि.27 – महावितरण अमरावती परिमंडल द्वारा 77वां गणतंत्र दिवस विद्युत भवन में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया. मुख्य अभियंता अशोक सालुंके के हाथों ध्वजारोहण किया गया. इस अवसर पर उन्होंने आगामी अवधि में महावितरण की सेवाओं में और अधिक सुधार करते हुए परिमंडल की विद्युत बिल बकाया राशि को शून्य करने का संकल्प लेने का आह्वान किया.
मुख्य अभियंता सालुंके ने अपने संबोधन में बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में अमरावती परिमंडल में 36 हजार नई विद्युत कनेक्शन प्रदान किए गए हैं. प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं के घरों पर सौर परियोजनाएं स्थापित करने में अमरावती परिमंडल राज्य में चौथे स्थान पर है. अब तक 21 हजार से अधिक घरों पर सौर परियोजनाएं लगाई गई हैं, जिससे 100 मेगावाट से अधिक बिजली का उत्पादन घरों की छतों पर हो रहा है. उन्होंने बताया कि ‘मागेल त्याला सौर कृषि पंप’ योजना के तहत 2,500 से अधिक किसानों को लाभ मिला है. इसके साथ ही 3 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, 40 उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई गई है तथा 190 नए वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं. इन सभी प्रयासों से उपभोक्ताओं को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्राप्त हुई हैं. आने वाले समय में ग्राहक और कर्मचारी संतुष्टि को प्राथमिकता देते हुए सेवाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा.
कार्यक्रम में अधीक्षक अभियंता दीपक देवहातेे, दीपाली माडेलवार, सहायक महाप्रबंधक रूपेश देशमुख, कार्यकारी अभियंता प्रदीप पुनसे, संजय खंगार, राजेश माहुलकर, उपमुख्य औद्योगिक संबंध अधिकारी मधुसूदन मराठे, उपविधि अधिकारी प्रशांत लहाने, प्रणाली विश्लेषक, नितिन नांदुरकर, वरिष्ठ प्रबंधक शिरीष शहा सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी उपस्थित थे. इस अवसर पर राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा अमरावती परिमंडल के कुछ उपकेंद्रों को आईएसओ 9001:2015 प्रमाणन दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों का सम्मान किया गया. साथ ही अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता महेश कोकाटे, श्रीकांत सावरकर एवं अभिजीत सदावर्ती ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी. कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) विकास बांबल ने किया.





