जिले की 100 से अधिक सरकारी बैंक शाखाओं का कामकाज ठप

हफ्ते में दो दिन छुट्टी हेतु अधिकारियों ने लगाए नारे

* 800 करोड का लेन-देन प्रभावित
* कल 28 को उमडेंगे खातेधारक
अमरावती/दि.27 – यूएफबीयू के आवाहन पर पांच दिनों का सप्ताह करने की मुख्य मांग लेकर बैंक अधिकारियों ने आज देशव्यापी हडताल कर सप्ताह में शनिवार और रविवार दो दिन छुट्टी की मांग मुखर की. इसके लिए अधिकारियों ने अपनी बैंक शाखाओं के बाहर इकठ्ठा होकर नारेबाजी की, प्रदर्शन किया. बैंक हडताल की वजह से लगातार चौथे दिन मानों अमरावती में बैंकों को छुट्टी रही. 100 से अधिक सरकारी बैंक शाखाओं में कामकाज और इसके कारण लेन-देन प्रभावित हुआ. आंदोलन में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसो., ऑल इंडिया ऑफीसर्स कनफडरेशन, नैशनल कनफडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लाइज सहित 9 संगठन जोर-शोर से सहभागी हुए थे.
अमरावती में करीब 100 बैंक शाखाओं का कामकाज प्रभावित हो सकता है. 700-800 करोड की रोज की क्लीयरिंग प्रभावित होने का दावा एक पदाधिकारी ने अमरावती मंडल से बातचीत में व्यक्त किया. उन्होंने बताया कि, जिले में 1200-1500 अधिकारी-कर्मी आज की स्ट्राइक में सहभागी होने का दावा भी किया. बैंक अधिकारियों के प्रदर्शन का नेतृत्व पंकज गावंडे, संदीप महल्ले, दीपक उपाध्याय, सुभाष सामदेकर, ब्रिजेश सिंगलवार, योगेश कातखेडे, गीतांजलि तारे, गौरी रोडे, मंगेश दुबले, अमित फिसके, चंद्रकांत खानझोडे, अभिनव राऊत, मोहनीश ठाकरे, अनिशा जोशी, महाराष्ट्र बैंक के सुरेश अंबर्ते, संकेत ठाकरे, विकास खामगांवकर, अमर गेही, अमर सारडा, समीर पठान, विनोद ठाकरे, नाजीया खान, बैंक ऑफ इंडिया चैतन्य मालोदे, मयूर सामवार, मनोज वर्मा, सेंट्रल बैंक के नीलेश मुंडेकर, अतुल दरांगे, प्रवीण रणधवे, रोशन इंगले, नवनीत उमाले, कैनरा बैंक के पंकज गावंडे, शेखर उज्जैनकर, किरण चव्हाण के साथ संजय चौरसिया, आदित्य तरे, रोली वर्मा, शीखा शर्मा, अनिकेत यादव, मंगेश तटके, सूरज बनसोड, अमित थेटे, देवेंद्र प्रगणे, रोशन श्रीराव आदि ने किया. 500 से अधिक अधिकारी और कर्मी प्रदर्शन में शामिल रहे.
पदाधिकारी ने बताया कि, दो वर्ष पहले भी मार्च 2024 में आरबीआई और संबंधित विभागों से पांच दिनों के सप्ताह पर बातचीत हुई थी. उस समय आश्वासन दिया गया था, वह आश्वासन पूर्ण नहीं किए जाने के कारण अब लगातार तीन दिनों की छुट्टी के बावजूद हडताल करनी पड रही है. अमरावती में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, कैनरा बैंक, बैंक ऑफ बडौदा, पंजाब नैशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र सहित सभी सरकारी बैंकों की 100 से अधिक शाखाओं में हडताल की वजह से कामकाज ठप होने की आशंका है. उसी प्रकार कल बुधवार 28 जनवरी को बडी संख्या में खातेधारकों के बैंकों में उमडने की संभावना है. मंथ एंड होने से व्यापारियों के लेन-देन बडे प्रमाण में ठप होने की संभावना है. दूसरी ओर पदाधिकारियों का कहना है कि, बीमा, आरबीआई और वित्त कंपनियों को पांच दिनों का सप्ताह लागू हो गया. केवल सरकारी बैंकें अभी भी कभी पांच, कभी छह दिन सेवाएं दे रही हैं. सप्ताह में दो दिन छुट्टी होनी ही चाहिए. यह मांग बैंक अधिकारियों और कर्मियों ने बुलंद की.

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