निगमायुक्त सौम्या शर्मा चांडक का कडक आदेश

14 मार्च से कोणार्क करेगा शहर की साफ-सफाई

* गोविंदा संस्था को डेढ माह ही करना है अब काम
* करारनामा से लेकर मनपा द्वारा दिए गए 56 स्मरणपत्रों की दिलाई याद
अमरावती/दि.28 – महापालिका आयुक्त सौम्या शर्मा चांडक ने विविध एप और अन्य माध्यमों से मिल रही साफ-सफाई संबंधी ढेर सारी शिकायतों पर कडा रवैया अपनाते हुए सफाई ठेकेदार गोविंदा सफाई कामगार नागरी सेवा सहकारी संस्था को आगामी 13 मार्च तक गत 28 नवंबर को हुई चर्चा और निर्णयानुसार जोन नं. 2 और 4 की साफ-सफाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं. साथ ही आयुक्त ने 14 मार्च से कोणार्क इंफ्रा. द्वारा उपरोक्त दोनों जोन की साफ-सफाई किए जाने का ऐलान भी कर दिया. आज जारी आदेश में आयुक्त महोदया ने गोविंदा संस्था को मनपा द्वारा करार सहित दिए गए 56 स्मरणपत्र का याद दिलाया. उसी इस संदर्भ में उच्च न्यायालय द्वारा महापालिका को दिए गए कडे आदेशों और जुर्माने का भी स्मरण करवाया.
अमरावती मनपा क्षेत्र में साफ-सफाई का मुद्दा जन-जन का संबंधित विषय बना है. प्रत्येक प्रभाग में नागरिकों की साफ-सफाई को लेकर शिकायत आम बात है. नए चुनकर आए नगरसेवकों से भी जनता गंदगी के कारण हो रही परेशानी को बया कर रही है. ऐसे में आयुक्त सौम्या शर्मा ने आज आदेश जारी कर गोविंदा संस्था को 14 मार्च से काम बंद कर देने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं.
* क्या कहा आदेश में
सौम्या शर्मा ने अपने आदेश में काफी कठोर भाषा का उपयोग कर हाईकोर्ट के निर्देशों का भी उल्लेख किया. हाईकोर्ट ने मनपा को सफाई संबंधित कामों में लापरवाही करनेवालों पर फौजदारी कार्रवाई करने कहा था. ऐसे में सौम्या शर्मा द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि, बारंबार मिल रही सफाई संबंधी ढेर सारी शिकायतों के कारण गोविंदा संस्था को चर्चा के लिए बुलाया गया. हर बार विभिन्न मुद्दे बताकर उस आधार पर दोनों जोन में संपूर्ण खबरदारी से संपूर्ण साफ-सफाई करने कहा गया था. संस्था के संचालकों ने मनपा को हर बार आश्वासन दिए. आयुक्त के आदेश में कहा गया कि, गोविंदा संस्था ने अपने आश्वासन पूरे नहीं किए. आयुक्त ने बाकायदा पॉइंट टू पॉइंट 14 मुद्दे भी आदेश में स्पष्ट किए है.
इन मुद्दों में रोज घंटा गाडी और अपेक्षित संख्या में कर्मचारी न रहना, कलेक्शन सेंटर में कचरा न डालते हुए अनधिकृत स्थानों पर कचरा फेंकना, मार्केट एरिया में सुबह और रात दो बार घंटा गाडी नहीं भेजना, सर्वीस गली, नालियां, अंतर्गत मार्ग साफ न करना, क्यूआर कोड प्रणाली अमल में न लाना, स्वच्छ भारत अभियान नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही न करना, घर-घर से रोज कचरा संकलन की शर्त रहने पर भी घंटा गाडी 15-20 दिन से ले जाना, दैनंदिन सफाई ठेकेदारों को नियमित बिल का भुगतान करने पर भी ठेकेदार द्वारा अधीनस्थ सफाई कर्मियों को समय पर भुगतान नहीं करना, अनुबंध के अनुसार महामारी नियंत्रण के लिए दवाईयों का छिडकाव और धुवारणी न होना, मुख्य सडकों, चौक और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा डाल देना, प्रभाग की सर्विस गली और नाली साफ करने का करार पूरा नहीं करना जैसे मुद्दे स्पष्ट किए.
आदेश में कहा गया कि, अनेक बातों का अनुबंध के बावजूद गोविंदा संस्था द्वारा भंग किया गया है. अत: 28 जून 2023 का करारनामा रद्द कर आदेश 14 मार्च से लागू होगा. अत: आज 28 जनवरी से 13 मार्च 2026 तक गोविंदा संस्था अनुबंध की शर्तो के अनुरुप साफ-सफाई के दैनंदिन काम करेगी. इस दौरान संस्था ने कोई कोताही बरती तो उस पर फौजदारी कार्रवाई करने के साथ सिक्युरिटी डिपॉजिट जब्त कर ली जाएगी.

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