मराठी भाषा अध्यापन न करने वाली स्कूलों पर होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग के आदेश

* रिपोर्ट पेश करने संबंध में शिक्षा आयुक्त के निर्देश
अमरावती/दि.29 -राज्य के सभी स्कूलों में मराठी भाषा का शिक्षण और अध्यापन अनिवार्य किए जाने के बावजूद इसके लागू न होने की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर, विद्यालय शिक्षा एवं खेल विभाग ने ऐसे विद्यालयों के विरुद्ध सीधी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना की मांग के बाद, शिक्षा विभाग ने इस संबंध में एक बार फिर आधिकारिक परिपत्र जारी किया है.राज्य के सभी सरकारी और निजी प्रबंधन विद्यालयों में मराठी भाषा का शिक्षण और अध्यापन अनिवार्य है. हालांकि, यह देखा गया है कि सीबीएसई, आईसीएसई, आईबी और अन्य प्रतिष्ठित शिक्षा विभाग के कई विद्यालयों में इस सरकारी निर्णय का प्रभावी ढंग से कार्यान्वयन नहीं हो रहा है. इस संबंध में, मनसे ने 5 अक्टूबर को शिक्षा विभाग को एक ज्ञापन सौंपकर ऐसे विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी.
इसी पृष्ठभूमि में, मराठी भाषा विभाग की 9 मार्च, 2020 की अधिसूचना के अनुसार, शिक्षा विभाग ने सभी माध्यमों और सभी प्रबंधनों के विद्यालयों में मराठी भाषा का अध्ययन अनिवार्य कर दिया गया है. इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के संभागीय उप शिक्षा संचालकों को संबंधित विद्यालयों का निरीक्षण करने, आवश्यक कार्रवाई करने और सरकार को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. इस परिपत्र में उन विद्यालयों के विरुद्ध नियमों के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है जो मराठी भाषा के अनिवार्य शिक्षण और अध्ययन संबंधी सरकारी निर्णयों का पालन नहीं करते हैं. अतः अब विद्यालयों में विद्यार्थियों को मराठी विषय पढ़ाना अनिवार्य हो गया है.
* स्कूलों द्वारा की जा रही अनदेखी
परिपत्र में कहा गया है कि दंड दिया जा रहा है. इससे पहले, 8 जून, 2020 को लिए गए सरकारी निर्णय की अधिसूचना जारी की गई थी. इसके बाद, 28 फरवरी, 2024 और 23 सितंबर, 2024 को सरकारी परिपत्रों के माध्यम से विभागीय अधिकारियों को एक बार फिर स्पष्ट निर्देश दिए गए. इसके बावजूद, कई स्कूल मराठी विषय की अनदेखी कर रहे हैं.





