सशक्त, दूरदर्शी और जनहित को सर्वोपरि माननेवाला नेता खो दिया

उपमुख्यमंत्री अजीत दादा पवार के प्रति शोकोद्गार का तांता

* कई गणमान्य ने व्यक्त किया गहरा दुख, सामान्य कार्यकर्ता अभी भी सदमे में
अमरावती /दि.29 – प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अजीत दादा पवार के विमान हादसे में निधन के आघात से अमरावती के राष्ट्रवादी पार्टी के सामान्य कार्यकर्ता उबर नहीं पा रहे. इस बीच अमरावती के अनेक राजनेताओं, मान्यवरों ने प्रिय डीसीएम अजीत दादा के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त की है. अधिकांश ने कहा कि, अजीत दादा मजबूत, दूरदर्शी और जनसामान्य के हित को सर्वोपरि माननेवाले नेता थे. उनका जाना महाराष्ट्र के समाजकारण और राजकारण का अपरिमित नुकसान है.
* अजीत दादा का राजकारण अनोखा
भाजपा शहर जिलाध्यक्ष डॉ. नितिन धांडे ने कहा कि, अजीत दादा अलग ही व्यक्ति थे. उनका राजकारण अनोखा रहा. सभी दलो में उनके चाहनेवाले थे. कुशल प्रशासक होने के साथ वित्त जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय अजीत दादा ही भली प्रकार संभाल सकते थे. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में अजीत दादा के जाने से बहुत बडा वैक्युम हो गया है. पता नहीं इसे कोई भर पाएगा अथवा नहीं. बहुत बडे नेता अजीत दादा थे. समस्त महाराष्ट्र में उनका दरारा था. दरारा इस अर्थ में कि, लोग उनका आदर-सम्मान करते और अधिकारी वर्ग उनके कहे कार्य को तत्परता से पूर्ण करते. ऐसे बडे लीडर के जाने से महाराष्ट्र का काफी नुकसान हुआ है. उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं.

* जिसके सिर पर हाथ रखा वह कुछ बना
बीजेपी महामंत्री नितिन गुडधे पाटिल ने कहा कि, अजीत दादा बडे मजबूत लीडर थे. प्रत्येक कार्यकर्ता के सुख-दुख में तत्पर रहते. महाराष्ट्र की राजनीति के दमकते हीरे जैसा उनका काम और प्रभाव था. ग्रामीण क्षेत्र में भरपूर काम करने की उनकी अदम्य इच्छाशक्ति अनेक अवसरों और परियोजनाओं में परिलक्षित हुई. अजीत दादा मराठा समाज के भी बडे नेता रहे. उन्होंने जिसके भी सिर पर हाथ रखा, वह कार्यकर्ता कुछ न कुछ जरुर बना. सुखी-समृद्ध हुआ. नितिन गुडधे पाटिल ने कहा कि, उन्होंने जीवन में ऐसा एक्टीव लीडर नहीं देखा, जो सबेरे 6 बजे से रात 12 बजे सिर्फ और सिर्फ जनहित के कार्य हेतु तत्पर रहते. अजीत दादा का कार्यकर्ता होना भी भाग्य की बात कही जा सकती है.

* ठोस निर्णय उनकी विशेषता
शिक्षक महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष चंद्रशेखर भोयर ने कहा कि, अजीत दादा की निर्भीक भूमिका और ठोस निर्णय लेने की क्षमता विशेषता रही. इन्हीं कारणों से राजनीति में उन्होंने अलग पहचान बनाई. राज्य के राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस के विस्तार और जनाधार बढाने में दादा का योगदान अनमोल रहा. सामान्य कार्यकर्ता, जनता से उनका सीधा संवाद रहा, इसी कारण वे कई जटिल विषयों को आसानी से समझ जाते. उनका प्रशासनिक अनुभव और स्पष्ट कार्यशैली के कारण वे एक सक्षम और प्रभावशाली नेता के रुप में प्रसिद्ध रहे. उनके असामायिक निधन से हम सभी को गहरा आघात पहुंचा है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन है.

* ‘आणरे ती फाइल’
महाराष्ट्र राज्य कृति समिति महासचिव उमेश महादेवराव ढोणे ने कहा कि, लोकप्रिय उपमुख्यमंत्री अजीत दादा पवार को कोई विकास प्रोजेक्ट समझ में आ जाता और जनहित में महत्वपूर्ण लगता तो वे तुरंत कह उठते – ‘आणरे ती फाइल.’ उनकी अध्यक्षता में हुई बजट बैठक का मैंने प्रत्यक्ष अनुभव लिया है. इसी प्रकार कई बार मुलाकात कर निवेदन दिया है. उनकी कार्यशैली का साक्षीदार बना हूं. जिले के हित में योग्य निर्णय तत्काल लेने की उनकी ठोस भूमिका सदैव स्मरण में रहेगी.

* संवेदनशील लीडर
हव्याप्रमं के सर्वेसर्वा और पद्मश्री प्रभाकरराव वैद्य ने कहा कि, अजीत दादा के निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में बडी रिक्तता निर्माण हो गई है. उन्हें अक्खड स्वभाव का कहा जाता था. किंतु मेरा अनुभव गरीब-वंचित जनता के विकास के प्रति संवेदनशील लीडर का रहा है. प्रशासन पर उनकी पकड और स्पष्ट वक्तव्य की शैली भी अजीत दादा की खासियत रही. आम जनता की समस्या को तेजी से हल करने पर उनका जोर रहा. हनुमान अखाडा और समस्त अमरावती आज पवार परिवार के इस दुख में सहभागी है.

* जनप्रिय नेता चला गया
पूर्व राज्य मंत्री वसुधा देशमुख ने कहा कि, अजीत पवार का व्यक्तित्व ध्रुव तारे के समान था. राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्र में बडे भाई और मार्गदर्शक के रुप में अजीत पवार सभी के लाडले दादा थे. सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान अतुलनीय तथा सदैव स्मरणीय रहेगा. मेरी संवेदनाएं उनके परिवारजनों और निकटजनों के साथ है. 1991 में सुधाकरराव नाईक मंत्रिमंडल में मैंने अजीत दादा के साथ काम किया है. जनहित में सटीक निर्णय का कौशल्य उनमें था. कोई भी कार्य रुके नहीं इसका वे विशेष ध्यान रखते थे.

* लाडली बहनों के दादा
राष्ट्रवादी नगरसेविका मीनल योगेश सवाई ने कहा कि, अजीत दादा हम सभी लाडली बहनों के बडे भाई थे. उनकी विमान हादसे में मृत्यु से बडा आघात पहुंचा है. समाज का भी अपरिमित नुकसान हुआ है. लाडली बहनों को आधार और दिलासा देनेवाले एवं आर्थिक रुप से मजबूत करनेवाले अजीत दादा का नेतृत्व हम सभी के लिए आदर्श रहा है. महिला सक्षमीकरण के लिए अजीत दादा ने सदैव काम किया. बडे कदम उठाए. निर्णय लिए और उन्हें क्रियान्वित भी किया. दादा के जाने से महाराष्ट्र की असंख्य लाडली बहनों को बडा धक्का पहुंचा है. उसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन है. मन अभी भी स्वीकार नहीं कर रहा कि अजीत दादा अब हमारे बीच नहीं है. एक मजबूत, संवेदनशील और जनाभिमुख नेता महाराष्ट्र ने खो दिया है. ऐसे महान नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं.

अजीतदादा, आपकी उपलब्धियां अमर हैं
महाराष्ट्र की राजनीति के जनक, जिन्होंने आम कार्यकर्ता को शक्ति दी, बडों का आदर किया और प्रशासन पर पैनी नजर रखी, आज इस दुनिया से विदा हो गए. बारामती के विकास के जरिए पूरे महाराष्ट्र को बदलने का सपना देखने वाले दूरदर्शी नेता हमें छोड़कर चले गए. फाइलों का निपटारा हो या जनता के सवालों का, दादा की रफ्तार हमेशा बेमिसाल थी. अजीतदादा, आपकी उपलब्धियां अमर हैं. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें. परिवार को शक्ति मिले. दादा को हार्दिक श्रद्धांजलि!
– केवलराम काले, विधायक,
मेलघाट विधानसभा क्षेत्र

देश को झकझोर कर देने वाली घटना
दादा के विमान हादसे की खबर ने झकझोर दिया. इस घटना ने न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया है. उनके विचारों, कार्यों और मूल्यों की विरासत हमेशा सबके मन में रहेगी. मैं प्रार्थना करता हूं कि ईश्वर इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिवारों को शक्ति प्रदान करें.
– उमेश यावलकर, विधायक,
मोर्शी

महाराष्ट्र का सबसे बडी क्षति
मैं अजीत दादा के आकस्मिक निधन से व्यथित हूं, वे सभी नेताओं में सर्वश्रेष्ठ और सबसे समझदार थे. अभी भी दिल यह नहीं मान रहा कि, दादा अब हमारे बीच नहीं हैं. पवार परिवार, जिसमें एनसीपी परिवार भी शामिल है, शोक में डूबा हुआ है. इस घटना में मृतकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि.
-गजानन लवटे, विधायक,
दर्यापुर

पार्टी और समाज की भी क्षति
राज्य के उपमुख्यमंत्री तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अजित पवार के निधन का समाचार सभी को झकझोर देने वाला है. उनके निधन से पार्टी की तो क्षति तो हुई ही है, साथही समाज का भी भारी नुकसान हुआ है. 55 वर्षों से पवार परिवार से मेरा नाता है. अजितदादा के निधन से भारी दुख पहुंचा है.
-प्रा.शरद तसरे, पूर्व उपाध्यक्ष
विधानसभा

महाराष्ट्र पर दुखों का पहाड
इस घटना से महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड गई है. अजीतदादा हर काम को जोश और उत्साह से करते थे, और महाराष्ट्र ने एक कर्मठ नेता को खो दिया है.
– बाबासाहेब उर्फ नरेशचंद्र ठाकरे,
पूर्व विधायक, मोशी निर्वाचन क्षेत्र

राजनीति के चाणक्य अजीत दादा
महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के दुखद निधन का समाचार प्राप्त हुआ. अजीत पवार के निधन से भारत की राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है. उन्होंने अपना पूरा जीवन महाराष्ट्र के लोगों की सेवा के लिए समर्पित किया. राजनीति के चाणक्य के रूप में उन्होंने कई युवाओं को राजनीति में लाकर समाजसेवा करने प्रेरित किया. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवार जनों को यह दुख सहन करने की शक्ति दें.
-अतुल कोटेचा,
प्रदेश कांग्रेस महासचिव, नागपुर

 

 

Back to top button