अमरावती से होता है ड्रग्स का इंटरनेशनल व्यवसाय
100 करोड रुपए के माल की डील?, 10 करोड रुपए का एमडी जब्त

* नागपुर के डीआरआई व नार्कोटिक्स विभाग की ‘सर्जिकल स्ट्राईक’
अमरावती/दि.2-संपूर्ण महाराष्ट्र राज्य में ड्रग्स माफियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई शुरू रहते रविवार 1 फरवरी को दोपहर में अचानक अमरावती शहर में मुंबई व नागपुर के डीआरआई व नार्कोटिक्स विभाग ने गोपनीय तरीके से चलाए ‘सर्जिकल स्ट्राईक’ अभियान में वैश्विक बाजार में 10 करोड रुपए मूल्य की रही 5 किलो मेफेड्रॉन (एमडी) जब्त की हैं. इस कार्रवाई से अमरावती शहर इंटरनेशनल ड्रग्स तस्करी का ‘हब’ होता हुआ दिखाई दे रहा हैं. इस कार्रवाई से अमरावती शहर पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई हैं.
जानकारी के मुताबिक नवसारी परिसर के यशवंतराव चव्हाण मुक्त विद्यापीठ के पीछे स्थित एक फ्लैट स्किम में मादक पदार्थ की बडी डील होनेवाली है, ऐसी जानकारी नागपुर के डीआरआई विभाग को मिली थी. रविवार को दोपहर 2 बजे के दौरान तीन विशेष दल ने किसी को भी संदेह न होते हुए परिसर में जाल बिछाया. इस दल ने अचानक संबंधित फ्लैट की तलाशी ली तब 5 किलो सफेद रंग का मेफेड्रॉन बरामद हुआ. घटनास्थल से एक मुख्य संदिग्ध को कब्जे में लेकर उसकी गाडगे नगर पुलिस की सहायता से पूछताछ की गई. उसके द्बारा दी गई जानकारी के आधार पर गवलीपुरा परिसर से दूसरे एक संदिग्ध को कब्जे में लिया गया.
एक माह पूर्व वाशिम जिले के कारंजा लाड में 198 किलो एमडी बरामद हुआ था. इस प्रकरण की जांच करते समय केंद्रिय यंत्रणा को इसके तार अमरावती से जुडे मिले. सूत्रों द्बारा दी गई जानकारी के मुताबिक यह डील 100 किलो से अधिक रहने की संभावना थी. लेकिन छापा मारा तब 5 किलो माल बरामद हुआ. इस तस्करी के तार अतर्राष्ट्रीय स्तर पर हैं. अमरावती का इस्तेमाल केवल वितरण के लिए नहीं बल्कि भंडारण के लिए किया जाता रहने की बात इस कार्रवाई से स्पष्ट हुई हैं.
* अमरावती पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह?
एक तरफ शहर पुलिस मादक पदार्थ मुक्त शहर की घोषणा कर रही हैं. ऐसे में शहर में 10 करोड रुपए की एमडी बरामद होना यह पुलिस आयुक्तालय के लिए परेशानी खडी करनेवाली बात साबित हुई हैं. यह संपूर्ण अभियान इतना गोपनिय था कि क्राईम ब्रांच और शहर पुलिस पूरी तरह अंधेरे में थी. कार्रवाई के बाद आरोपियों को नवसारी के जीएसटी भवन में ले जाया गया. तब स्थानीय पुलिस को जानकारी मिली. और पुलिस दल वहां पहुंचा तब उन्हें जीएसटी भवन के गेट से ही ‘नो एंट्री’ थी. इस कारण क्राईम ब्रांच और गाडगे नगर पुलिस बाहर ही खडी रही और भीतर चल रही गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी.
* जीएसटी भवन बना जांच केंद्र
जब्त किया गया एमडी और दोनों आरोपियों को तत्काल नवसारी के जीएसटी भवन में लाया गया. वहां फॉरेन्सिक दल के वाहन के जरिए माल की तकनीकी जांच की गई. अने घंटे तक चली इस प्रक्रिया के दौरान पुलिस समेत किसी को भी भीतर प्रवेश पर पाबंदी थी.
*ड्रग्स तस्करों का गॉडफादर कौन?
दोपहर 4.30 बजे के दौरान जीएसटी भवन से 3 में से एक दल जांच के लिए फिर बहान निकला. शहर के अन्य भी कुछ संदिग्ध फ्लैट और गोदाम की तलाशी ली जा रही हैं. देर रात तक इस प्रकरण में और भी कुछ दिग्गज ड्रग्स माफियाओं के नाम सामने आने के संकेत मिले हैं. पुलिस आयुुक्तालय अब कौनसी भूमिका लेता है इस और सभी का ध्यान केंद्रीत हैं.
* युवाओं के भविष्य से खिलवाड
अमरावती यह विद्या की नगरी हैं. इस परिसर में विद्यार्थियों के होस्टेल और कॉलेज हैं. यहां ड्रग्स की आपूर्ति करनेवाला बडा गिरोह कार्यरत रहने की संभावना हैं. जब्त किया मैफेड्रॉन यह युवाओं को गुमराह करने का स्लो पॉयजन माना जाता है. संपूर्ण राज्य में ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू रहते अमरावती पुलिस यंत्रणा को अमरावती में यह ड्रग्स व्यवसाय फलता-फुलता रहने बाबत जानकारी न रहना आश्चर्य माना जा रहा हैं.
* आरोपियों की अपराधिक पृष्ठभूमि
पकडे गए मुख्य आरोपी यह बाहरगांव के हैं. सनसनीखेज यानी इसके पूर्व भी नागपुर में उन्हें ड्रग्स प्रकरण में कब्जे में लिया गया था. लेकिन संपूर्ण गिरोह के जड तक जाने के लिए यंत्रणा ने उन्हें उस समय जानबुझकर छोडकर उनकी गतिविधियों पर कडी नजर रखी थी और आखिरकार इसका अंत इस बडी कार्रवाई से हुआ. अमरावती का यह जाल कहां तक फैला हुआ है और इसमें अमरावती के किन लोगों का समावेश हैं. इस बाबत डीआरआई और नार्कोटिक्स विभाग जांच कर रहा है.
* चार आरोपी गिरफ्तार
इस प्रकरण में डीआरआई और नार्कोटिक्स विभाग के दल ने गुलिस्ता नगर निवासी फैसल खान अंसार खान (22), चांदुर बाजार के कसाबपुरा निवासी आवेज अहमद आरीफ अहमद (25), मुश्तकीम खान अब्दुल ताहेर खान (29) और रतनगंज निवासी शेख परवेज शेख नासीर (32) नामक आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं.
* संपूर्ण राज्य में ड्रग्स का जाल
सबडे बडी कार्रवाई जनवरी 2026 के अंत में ‘ऑपरेशन सह्याद्री चेकमेट’ के तहत डीआरआई ने सातारा में की. कराड तहसील के पाचपुतेवाडी में पोल्ट्री फार्म के नाम पर चलनेवाले मेफेड्रॉन (एमडी) निर्मिति का कारखाना चल रहा था. जहां से 55 करोड रुपए का 22 किलो से अधिक तैयार ड्रग्स और भारी मात्रा में कच्चा रसायन जब्त किया. इस प्रकरण में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया. पश्चात संभाजी नगर में पुलिस ने 12.5 लाख रुपए मूल्य का कोडीन आधारित कफ सिरप जब्त किया. 3120 बोतल का माल लातूर से शहर में बिक्री के लिए लाया जा रहा था. ठाणे और मुंबई परीसर की मुंब्रा पुलिस ने 13.5 किलो एमडी जब्त किया. जो मुंबई-मध्यप्रदेश तस्करी से संबंधित था. 1 फरवरी 2026 को की गई कार्रवाई में 24.2 किलो गांजा जब्त कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया. ठाणे में एक मोबाईल रिपेअरिंग की दुकान से कोडीन सिरप की 750 बोतल जब्त की गई. नागपुर शहर पुलिस ने विभिन्न कार्रवाई में 3.5 से 5 लाख रुपए की एमडी और गांजा जब्त किया हैं.





