निम्न पेढी परियोजना प्रभावितों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी
जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने दी जानकारी

अमरावती/दि.4 – केंद्र सरकार की प्राथमिकता वाली निम्न पेढी सिंचाई परियोजना के अंतर्गत प्रभावित होने वाले गांवों के पुनर्वसन को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है. परियोजना क्षेत्र में आगामी मानसून सत्र से जलसंग्रह प्रारंभ होने की संभावना को देखते हुए प्रभावित नागरिकों के सुरक्षित और समयबद्ध स्थानांतरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है. पुनर्वसित स्थलों पर परियोजना प्रभावितों को सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, यह जानकारी जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने दी.
निम्न पेढी परियोजना के पुनर्वसन संबंधी कार्यों की समीक्षा के लिए मंगलवार 3 फरवरी को जिलाधिकारी कार्यालय में बैठक आयोजित की गई. इस अवसर पर उपजिलाधिकारी श्रद्धा उदावंत, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी बालासाहेब बयास, परियोजना से प्रभावित पांचों गांवों के सरपंच तथा सिंचाई विभाग के अधिकारी उपस्थित थे. जानकारी के अनुसार, निम्न पेढी परियोजना के कारण हातुर्णा, गोपगव्हाण, कुंड खुर्द, अलणगांव और कुंड सर्जापुर-ये पांच गांव प्रभावित हो रहे हैं. इन गांवों के निवासियों के पुनर्वसन एवं स्थानांतरण की प्रक्रिया पर प्रशासन का विशेष ध्यान केंद्रित है. वर्तमान स्थिति में अलणगांव में 79 तथा कुंड सर्जापुर में 72 नागरिक निवासरत हैं. इन नागरिकों के सुरक्षित स्थानांतरण हेतु आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं.
जिन नागरिकों ने सहमति देकर पुनर्वसित गांवों में स्थानांतरण स्वीकार किया है, उन्हें भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है. वहीं, शेष गांवों के नागरिकों को स्थानांतरण भत्ता तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत घरकुल स्वीकृत किए गए हैं. पुनर्वसित गांवों में सड़क, पानी, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की दिशा में भी कार्य जारी है. जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आगामी वर्षा ऋतु में परियोजना क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होगी, जिससे पुराने गांवों में निवासरत नागरिकों के प्रभावित होने की आशंका है. ऐसी स्थिति में आपातकालीन बचाव कार्यों की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए पहले से ही स्थानांतरण प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए गए हैं. बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-र्दिेश देते हुए कहा कि हातुर्णा गांव में आंगनवाड़ी भवन का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए. गोपगव्हाण गांव में जलापूर्ति से संबंधित विद्युत व्यवस्था सुचारु बनाए रखी जाए. अलणगांव स्थित श्मशान भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाया जाए तथा कुंड सर्जापुर में प्रार्थनास्थलों के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराई जाए. प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि निम्न पेढी परियोजना से प्रभावित किसी भी नागरिक को असुविधा न हो, इसके लिए पुनर्वसन प्रक्रिया को मानवीय दृष्टिकोण से और पारदर्शी तरीके से पूर्ण किया जाएगा.





