ग्रामसेवकों के लिए ‘जेंडर इक्वैलिटी’ पर एक दिवसीय प्रशिक्षण

जेंडर सेंसिटाइजेशन व जेंडर बजटिंग पर दिया गया मार्गदर्शन

अमरावती/दि.4 – महिला आर्थिक विकास महामंडल (माविम) की ओर से ‘जेंडर ट्रांसफॉर्मेटिव मैकेनिज्म’ परियोजना के अंतर्गत ग्रामसेवकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.इस प्रशिक्षण में ‘जेंडर सेंसिटाइजेशन’ तथा ‘जेंडर बजटिंग’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया.
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीता मोहपात्रा द्वारा क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा के पूजन के साथ किया गया. इस अवसर पर उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी बालासाहेब बायस, विभागीय सलाहकार राजू इंगळे, पवन देशमुख, माविम के वरिष्ठ जिला समन्वय अधिकारी डॉ. रंजन वानखडे, साधन व्यक्ति आनंद पवार तथा अकोला के जिला समन्वय अधिकारी वर्षा खोब्रागडे प्रमुख रूप से उपस्थित थे. मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीता मोहपात्रा ने प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ग्रामसेवकों को ग्रामीण विकास में ‘जेंडर सेंसिटाइजेशन’ के लिए अपनी कार्यक्षमता का प्रभावी उपयोग करना चाहिए. वहीं उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी बालासाहेब बायस ने ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर मार्गदर्शन दिया. कार्यक्रम की प्रस्तावना डॉ. रंजन वानखडे ने की.विभागीय सलाहकार राजू इंगळे ने महिला आर्थिक विकास महामंडल की पृष्ठभूमि और कार्यों की जानकारी दी.साधन व्यक्ति आनंद पवार ने प्रशिक्षण के उद्देश्य एवं स्वरूप को स्पष्ट किया. कार्यक्रम का संचालन वर्षा खोब्रागडे ने किया, जबकि जिला समन्वय अधिकारी ऋषिकेश घ्यार ने आभार प्रदर्शन किया.कार्यक्रम के सफल आयोजन में उपजीविका सलाहकार अभिजित कालमेघ का विशेष सहयोग रहा.

Back to top button