निजी में दरवृद्धि, किसानों ने ‘नाफेड’ की ओर फेरा मुंह
सरकारी खरीदी केंद्र पडे वीरान

* 9 जनवरी से सोयाबीन की खरीदी बंद
अमरावती/दि.4 – इस वर्ष 20 जनवरी से तुवर की सरकारी खरीदी के लिए नाफेड का पंजीयन शुुरु हो चुका है. हालांकि, निजी बाजार में 8 हजार रुपए गारंटी मूल्य से अधिक दाम मिलने से नाफेड केंद्रों को किसानों का प्रतिसाद नहीं मिल रहा. इसके अलावा बाजार समितियों में सोयाबीन को 5328 रुपए गारंटीमूल्य से अधिक दरें व नकद पेमेंट मिलने से 9 जनवरी से शासन खरीदी केंद्र वीरान दिख रहे है.
मार्केट में कृषि उपज को गारंटीमूल्य नहीं मिलने से सरकार द्वारा गारंटी मूल्य को सुरक्षा दी जाती है. इस वर्ष नाफेड के सबएजंट डीएमओ व वीसीएमएफ द्वारा सामान्य रुप से अक्टूबर अंत से सोयाबीन खरीदी के लिए पंजीयन शुरु किया था. इसके अनुसार इन दोनों यंत्रणा के पास 13,644 किसानों ने पंजीयन किया है. इसकी तुलना में 9 जनवरी तक केवल 3592 किसानों से सोयाबीन खरीदी की गई. अब तक 10 हजार 52 किसान प्रतीक्षा में हैं.
केंद्रों पर शुरुआत में एफएक्यु ग्रेड सहित 12 प्रतिशत नमी की शर्त रखी गई थी, जिसके कारण आर्थिक संकट में फंसे किसानों को बाजार में मिले उस दाम में सोयाबीन बेचना पड रहा था. इसके बाद जनवरी से सोयाबीन की दरों में वृद्धि होने से किसान नाफेड की बजाय निजी बाजार में सोयाबीन बेच रहे है. इसलिए सामान्यत: 9 जनवरी से सरकारी खरीदी केंद्र वीरान पडे है.
* तुवर पंजीयन को प्रतिसाद नहीं
इस सीजन में 20 जनवरी से 20 फरवरी दौरान तुवर की सरकारी खरीदी के लिए पंजीयन करने के आदेश विपणन विभाग ने दिए है. जिले में 15 केंद्रों पर 8 हजार रुपए गारंटीमूल्य से तुवर खरीदी की जाएगी. प्रत्यक्ष में खुले बाजार में, बाजार समितियों में वर्तमान में तुवर से इसके ज्यादा दाम मिल रहे है. इसलिए किसानों का रुझान नाफेड की ओर नहीं दिख रहा.
सोयाबीन के नाफेड खरीदी की स्थिति
* डीएमओ : अब तक 8276 किसानों के पंजीयन तुलना में 2846 किसानों से 57,620 क्विंटल सोयाबीन खरीदी.
* वीसीएमएफ : अब तक 5368 किसानों की पंजीयन की तुलना में 746 किसानों से 14,013 क्विंटल सोयाबीन खरीदी.
तुवर, सोयाबीन की वर्तमान दरें
* तुवर : 7650 से 8530 (रु/क्विं.)
* सोयाबीन : 5100 से 5500 (रु/क्विं.)