घर खरीदने का सपना अधर में लटका
स्पर्श’ का झटका लगा, अनुदान वितरण प्रभावित हुआ

* पोर्टल पर तारीख अपडेट न होने के कारण समस्या निर्माण
अमरावती/दि.4 –प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किसी भी चरण का अनुदान मिलने के बाद, अगले चरण का अनुदान मिलने में देरी हो रही है क्योंकि पंचायत समिति स्तर के पोर्टल पर संबंधित तिथि समय पर अपडेट नहीं की जा रही है. इस वजह से, घर का निर्माण पूरा होने या आवश्यक चरण पूरा होने के बाद भी लाभार्थियों को अगली किस्त के लिए लंबा इंतजार करना पड रहा है.
केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई नई स्पर्श प्रणाली के कारण प्रशासन को लाभार्थियों के गुस्से का सामना करना पड रहा है. जिले को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दो वर्षों में 65 हजार घरों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है. लाभार्थियों को 15,000 रुपये की पहली किस्त तुरंत वितरित कर दी गई है, लेकिन सैकडों लाभार्थियों को दूसरी, कुछ को तीसरी और कुछ को चौथी किस्त के लिए एक से दो महीने तक इंतजार करना पड रहा है. घर के निर्माण का एक निश्चित चरण पूरा होने के बाद, लाभार्थियों को सब्सिडी की अगली किस्त तुरंत मिलने की उम्मीद है. हालांकि, वर्तमान में उपयोग की जा रही स्पर्श प्रणाली में तकनीकी दिक्कतों के कारण सब्सिडी वितरण प्रक्रिया में बाधा आ रही है.
* सरकार की घरकुल योजना के तहत, लाभार्थियों को अनुदान कुल छह चरणों में वितरित किया जाता है.
इससे योजना के लाभार्थियों पर बुरा असर पड रहा है. प्रशासन को भी अनावश्यक बाधाओं का सामना करना पड रहा है. कई लाभार्थी असंतुष्ट हैं क्योंकि योजना की पिछली प्रक्रिया आसान और अधिक प्रभावी थी. सैकडों लाभार्थियों में नाराजगी व्यक्त की जा रही है. लाभार्थी मांग कर रहे हैं कि प्रशासन तकनीकी त्रुटियों को तुरंत ठीक करे और अनुदान वितरण प्रक्रिया को सुचारू बनाए. चूंकि जिला और तालुका स्तर की प्रणालियां तकनीकी त्रुटियों के कारण किश्तें जारी करने में असमर्थ हैं, इसलिए अधिकारी केवल वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं. मानसून या गर्मी से पहले सही छत पाने का सपना पूरा न होने पर सैकडों लाभार्थी तकनीकी जटिलताओं के कारण परेशान हैं.
* छह चरणों में मिल रही निधि
इस योजना के तहत केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर लाभार्थियों को 2 लाख 50 हजार रुपये प्रदान करती हैं. राज्य सरकार से प्राप्त 1 लाख रुपये में से 40 प्रतिशत पहले चरण में, 40 प्रतिशत दूसरे चरण में और 20 प्रतिशत तीसरे चरण में दिया जाता है. वहीं, केंद्र सरकार से प्राप्त 15 लाख रुपये में से 60 प्रतिशत पहले चरण में, 60 प्रतिशत दूसरे चरण में और 20 प्रतिशत तीसरे चरण में दिया जाता है.
कई लाभार्थियेां का कहना है कि, उनके घरकुल का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है. तथा अनुदान की राशि खाते में जमा नहीं हुई है. तकनीकी समस्याएं हैं.





