सरस्वती ऑईल मिल में भीषण आग

लाखों रुपए का नुकसान

* एमआईडीसी की गत रात की घटना
अमरावती/दि.4 – राजापेठ थाना क्षेत्र में आनेवाले पुराना बायपास रोड स्थित एमआईडीसी के सरस्वती ऑईल मिल में मंगलवार की रात 8.30 बजे के दौरान अचानक भीषण आग लग गई. इस आग के कारण क्षेत्र में अफरातफरी मच गई थी. इस आग से मिल का लाखों रुपए का साहित्य जलकर राख हो गया. अथक प्रयासों के बाद अग्निशमन दल के कर्मचारियों ने इस आग को काबू में किया. कुछ माह पूर्व ही इसी परिसर में एक कारखाने को आग लगी थी. उसके बाद यह दूसरी घटना घटित होने से औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा पर सवालियां निशान लगा हैं.
अमरावती एमआईडीसी में हनुमानसेठ अग्रवाल के मालकी की सरस्वती ऑईल मिल हैं. इस मिल में मंगलवार 3 फरवरी की रात 8.30 बजे के दौरान अचानक धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आग ने भीषण रूप धारण कर लिया. यह आग इतनी भीषण थी कि आग की लपटे काफी दूरी से दिखाई दे रही थी. मिल में काम करनेवाले कर्मचारी और परिसर के नागरिकों ने तत्काल घटना की जानकारी अग्निशमन दल को दी. अमरावती एमआईडीसी संगठना के अध्यक्ष किरण पातुरकर ने भी तत्काल दमकल विभाग से संपर्क किया. घटना की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन दल की पांच गाडी घटनास्थल आ पहुंची. इस भीषण आग को काबू में करने के लिए दमकल कर्मियों को अथक प्रयास करने पडे. सुरक्षा की दृष्टि से परिसर की बिजली आपूर्ति खंडीत कर दी गई थी. इस मिल में तेल और ढेप भारी मात्रा में रहने से आग बाजू के कारखानों को भी अपनी चपेट में लेने का भय निर्माण हो गया था. इस भीषण आग में कुछ कामगार झुलसे रहने का संदेह रहने से घटनास्थल पर रूग्णवाहिका भी बुलाई गई थी. लेकिन भाग्यवश इस घटना में किसी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा और कोई जीवित हानी नहीं हुई. लेकिन माल का भारी नुकसान हुआ. शॉर्ट सर्किट के कारण यह आग लगने का अनुमान लगाया गया है. देर रात को इस आग को काबू में करने में दमकल विभाग को सफलता मिली.

* सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह
कुछ माह पूर्व एमआईडीसी के एक कारखाने को आग लग गई थी. इसमें एक महिला की झुलसने से मृत्यु हो गई थी. उस घटना के बाद सरस्वती ऑईल मिल को आग लगने की यह दूसरी घटना हैं. बार-बार घटित होनेवाली इस तरह की घटनाओं के कारण कारखाने की अग्निरोधक यंत्रणा और सुरक्षा की उपाययोजना बाबत प्रश्नचिन्ह निर्माण होते जा रहा है. भाग्यवश कोई जीवितहानी नहीं हुई हो फिर भी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित कदम उठाना आवश्यक हैं.

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