हरिसाल स्वास्थ्य पथक ने बचाए प्रसूता के प्राण

प्रसूति पश्चात ब्लीडिंग को रोका

* नांदुरी की सुशीला सावलकर को नया जीवन                                                                                                                         अमरावती/दि. 4- मेलघाट से माता मृत्यु के समाचार आए दिन मिलते हैं. कई बार सियासी लोग होहल्ला करते हैं. पिछले दिनों भी प्रसूता की जान चली गई थी. ऐसे में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हरिसाल की मेडिकल टीम ने अथक प्रयास कर प्रसूता के प्राणों की रक्षा की. उसका नाम सुशीला सावलकर (28) हैं. मेडिकल टीम ने प्रसूति पश्चात शुरू हुई ब्लीडिंग नियंत्रित कर महिला को मौत के मुंह में जाने से बचा लिया.
सोसोखेडा उपकेन्द्र की नांदुरी की सुशीला को 1 फरवरी की आधी रात पश्चात 1.10 बजे हरिसाल सेंटर पर लाया गया था. वहां सोनिया कंडूलना ने उसे चेक किया. प्रसूति शीघ्र होने की संभावना देखी. डॉ. मोनिका कोकाटे के दल ने प्रसूति करवाई. 5 मिनट बाद ही 1.15 बजे सुशीला ने कन्या को जन्म दिया. किंतु अचानक महिला को रक्तस्त्राव शुरू हो गया.
झटके लेने लगी प्रसूता
प्रसूति पश्चात माता की हालत बिगड गई. काफी खून बहने लगा. ब्लड प्रेशर भी गिर जाने से मरीज झटके खा रही थी. प्रसूता की हालत धोखादायक हो गई थी. स्वास्थ्य सेविका मंगला बोरकर और सुनीता खेडकर ने सहायता के लिए दौड लगाई. संपूर्ण टीम जुट गई. दोनों हाथों से जीवन रक्षक दवाईयां और ग्लूकोज चढाया गया. गर्भाशय की मसाज कर खून रोकने महत प्रयास किए गये. मरीज की दशा पर सतत ध्यान देकर उसे धारणी उपजिला अस्पताल में रेफर सेवा देने की तैयारी की गई.
चलती एम्बुलेंस में कंडूलना की कोशिशें
तडके 4.25 बजे प्रसूता को आगे उपचार के लिए धारणी भेजा गया. रूग्णवाहिका में स्वास्थ्य सेविका सोनिया कंडूलना ने सुशीला सावलकर की ब्लीडिंग रोकने के लिए प्रयास जारी रखे. पूरी सावधानी बरती. समय पर अचूक निर्णय और स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मचारियों ने सुशीला सावरकर को नया जीवन दे दिया.

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