बोडिर्ंंग स्टेशन पर ही सीट पर पहुंचना हुआ अनिवार्य

नही तो यात्री की टिकट हो जाएगी कैंसिल

* रेलवे ने किया टिकटिंग व्यवस्था में बदलाव
अमरावती/दि.5 – रेलवे ने यात्रियों की सुविधा, पारदर्शिता और सीटों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए टिकटिंग व्यवस्था में एक अहम बदलाव किया है. नई व्यवस्था के तहत अब आरक्षित टिकट वाले यात्रियों को बोर्डिंग स्टेशन से 15 मिनट के भितर अपनी आवंटित सीट तक पहुंचना अनिवार्य होगा. तय समय में सीट पर नही पहुंचने की स्थिति में संबधित यात्री का टिकट रद्द कर दिया जाएगा.
रेलवे ने इसके लिए टीटीई (टिकट जाँच कर्मचारी) को दिए जाने वाले एचएचटी (हैड होल्ड टर्मिनल) डिवाइस को अपडेट किया गया है. इस तकनीकी अपडेट के बाद अब टीटीई को रियल टाइम में यह जानकारी मिलेगी. कि कौनसा यात्री बोर्डिंग स्टेशन से चढकर अपनी सीट पर पहूंचा है और कौन नही यदि कोई आरक्षित यात्री निर्धारित समय सीमा में अपनी सीट पर नही पहुंचता है तो उसका आरक्षण रद्द कर दिया जाएगा.

* पहले 2 स्टेशनों तक इंतजार करना पडता था.
पहले की व्यवस्था में टीटीई को बोर्डिंग स्टेशन के बाद अगले एक या दो स्टेशनों तक इंतजार करना पडता था. इसके चलते सीटों का त्वरित उपयोग नही हो पाता था और पूरी प्रक्रिया मैनुअल होने के कारण पारदर्शिता पर भी सवाल उठते थे. अब डिजिटल सिस्टम के जरिए तुरंत निर्णय लिया जा सकेगा. जिससे यात्रा अधिक सुव्यवस्थित होगी.

* सुविधाजनक व पारदर्शी व्यवस्था
रेलवे का मानना है कि, यह बदलाव यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक, न्यायसंगत और पारदर्शी साबीत होगा. आरक्षित टिकट लेकर यात्रा न करने की प्रवृत्ति पर भी इससे अंकुश लगेगा. साथ ही वेटिंग और आरएसी यात्रियों को यात्रा के दौरान सीट मिलने की संभावना बढेगी. कुल मिलाकर रेलवे की यह नई पहल आधुनिक तकनीक के माध्यम से सीट प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम मानी जा रही है. जिससे आम यात्रियों को सिधा लाभ मिलेगा.

* दर्ज होगा नोट प्रेजेंट
– नई व्यवस्था के अनुसार टिकट रद्द होते ही वह सीट आरएसी या वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित कर दी जाएगी.
– जैसे ही सीट खाली हो जाती है. टीटीई एचएचटी के माध्यम से तुरंत ‘नोट प्रेजेंट’ दर्ज करेगा, जिसके बाद सिस्टम स्वयम प्राथमिकता वाले यात्रि को सीट अलॉट कर देगा.
– इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी आरएसी या वेटींग टिकट धारक यात्रियों को एसएमएस के माध्यम से भी दी जाएगी.
– जानकारी के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य यात्रा के दौरान खाली सीटों की समस्या को खत्म करना है.
– अक्सर देखा गया है कि यात्री बोर्डिंग स्टेशन बदल लेते है. या यात्रा ही नही करते लेकिन उनकी सीटे काफी दूरी तक खाली रहती है.
– इससे आरएसी और वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को परेशानी होती थी. नई प्रणाली से ऐसी स्थिती पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा.

Back to top button