जिले में 24 घंटों में 4 जगहों पर दिखे तेंदुए
चिखलदरा से शहर तक बढा वन्यप्राणी संकट

* मानव- वन्यजीव संघर्ष की बढी आशंका
अमरावती/ दि. 5 – राज्य में तेंदुओं की बढती संख्या अब चिंता का विषय बनती जा रही है. इसके चलते वन्यप्राणी और मानव के बीच संघर्ष की आशंका भी गहराती जा रही है. अमरावती जिले में पिछले 24 घंटों के भीतर चार जगहों पर तेंदुओं की मौजूदगी सामने आने से वन विभाग और नागरिकों में हडकंप मच गया है. जिले की पर्यटन नगरी चिखलदरा से लेकर अमरावती शहर तक तेंदुओं की दहशत देखी गई.
बुधवार तडके करीब 2 बजे अमरावती जेल अधीक्षक कीर्ति चिंतामणी के नये शासकीय बंगले के परिसर में एक तेंदुआ घुस आया. बंगले पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने तेंदुए को देखकर तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी. इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई. वहीं, मंगलवार सुबह 11. 30 बजे पंजाबराव कृषि विद्यापीठ परिसर स्थित स्व. आर.एस. गवई स्मारक के पास दो तेंदुए एक साथ दिखाई दिए. एक तेंदुआ दिवार पर बैठा हुआ था. जबकि दूसरा टहलता नजर आया. इस दौरान वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति ने दूर से तेंदुओं का वीडियों भी रिकार्ड किया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस परिसर में पहले भी तेंदुए देखे जा चुके है.
तेंदुए के दर्शन की तीसरी घटना तपोवन परिसर में स्थित शिवाजीराव पटवर्धन की प्रतिमा के पास सामने आयी. जहां एक तेंदुआ शिकार की तलाश में घुमता हुआ दिखाई दिया. लगातार मिल रही इन सूचनाओं के बाद वन विभाग सतर्क हो गया है. करीब 3 महीने के अंतराल के बाद मंगलवार दोपहर से शहर में तेंदुए दिखाई देने की शिकायतें वन विभाग को प्राप्त हुई है. वन विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने और अकेले आवाजाही से बचने की अपील की है.
* शिकार की तलाश में पहुंचा तेंदुआं जेल परिसर
मंगलवार को जेल अधीक्षक कीर्ति चिंतामणी किसी कार्य से नागपुर गई हुई थी. उनके नये शासकीय निवास परिसर में अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गये है. जेल अधीक्षक की अनुपस्थिति में बंगले में सुरक्षा गार्ड तैनात था और परिसर में एक श्वान बंधा हुआ था. जेल के पिछले हिस्से में सागौन के पेड लगे हैं और वहीं से पंजाबराव कृषि विद्यापीठ परिसर की ओर जानेवाला रास्ता है. जहां पहले से ही तेंदुओं का बसेरा माना जाता है. आशंका जताई जा रही है कि तेंदुआ शिकार की तलाश में जेल अधीक्षक के बंगले के परिसर में घुस आया.
चिखलदरा विश्रामगृह में किया श्वानों का शिकार
पर्यटन नगरी चिखलदरा के विश्रामगृह परिसर में मंगलवार की रात एक तेंदुआ घुस आया. जहां उसने कई श्वानों का शिकार कर लिया. स्थिति तब और गंभीर होे गई जब परिसर के आसपास भालु और तेंदुए के एक जोडे को एक साथ देखा गया.
बंदरों से भी पर्यटक परेशान
जानकारी के अनुसार पर्यटन नगरी चिखलदरा में केवल एक सप्ताह के भीतर 8 से अधिक लोग मंकी बाइट का शिकार हो चुके हैं. वन विभाग और व्याघ्र प्रकल्प की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं. नागरिकों और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है. समय रहते ठोस उपाय नहीं किए गये तो किसी बडी और गंभीर दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता. पर्यटकों की सुरक्षा तथा नागरिकों की जान- माल की रक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग अब जोर पकडने लगी है.





