45 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले कार्यरत शिक्षकों को पात्र घोषित करे
चद्रशेखर भोयर की मांग, शिक्षा मंत्री को सौपा निवेदन

अमरावती/ दि. 6 – महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में कई वर्षो से नियमित सेवा में कार्यरत शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परिक्षा (टीईटी) में 45 प्रतिशत अंक प्राप्त होने पर उन्हें पात्र घोषित किया जाए, ऐसी मांग शिक्षक महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष तथा भाजपा शिक्षक आघाडी के सह-संयोजक चद्रशेखर भोयर ने की है. जिसमें उन्होंने इस आशय का निवेदन राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे को सौपा.
निवेदन में कहा गया कि राज्य के अनेक शिक्षक वर्षो से ईमानदारी के साथ अपनी सेवा देते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे है, किंन्तु नए नियमों के तहत सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए भी टीईटी परीक्षा अनिवार्य कर दी गई है. और न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों की शर्त कई अनुभवी शिक्षकों के लिए अन्यायपूर्ण साबित हो रही है. विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों तथा पिछडे वर्गा से आनेवाले अनेक शिक्षको ने प्रतिकूल परिस्थितियों में शिक्षा पूर्ण कर सेवा स्वीकार की है, और उन पर पुनः परीक्षा तथा प्रतिशत की बाध्यता थोप दी गई है, इससे शिक्षकों मे भारी असंतोष व्याप्त है. सेवा में कार्यरत शिक्षकों को टीईटी परिक्षा में 45 प्रतिशत अंको की छूट दी जाए. ऐसी स्पष्ट मांग निवेदन सौप कर चद्रशेखर भोयर ने कि है. और उन्होंने यह भी कहा की. कई वर्षा से सेवा दे रहे शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित रहना चाहिए तथा शिक्षा व्यवस्था में अनावश्यक अव्यवस्था उत्पन्न नही होनी चाहिए.
* शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव की आशंका
टीईटी संबधी यह छूट यदि शिक्षकों को नही दी तो बडी संख्या में शिक्षक अपात्र ठहराए जा सकते है. इसके परिणामस्वरूप विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी उत्पन्न होगी, विद्यार्थियों की पढाई प्रभावित होगी. और संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव आएगा, ऐसी भी चेतावनी चद्रशेखर भोयर ने दी . उन्होंने शासन से इस विषय को संवेदनशीलता से लेते हुए सेवा में कार्यरत शिक्षकों को न्याय दिलाने के लिए तत्काल
निर्णय लेने कि मांग की साथ ही शिक्षक महासंघ और भाजपा शिक्षक आघाडी के माध्यम से शिक्षकों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष जारी रहेगा. यह भी उन्होंने स्पष्ट किया.





