अमरावती में भाजपा और महायुति ने सभी को चौंकाया
महापौर व उपमहापौर के पदों पर 55-55 मतों से भाजपा समर्थित गठबंधन की जीत

* भाजपा के श्रीचंद तेजवानी महापौर व युवा स्वाभिमान के सचिन भेंडे उपमहापौर निर्वाचित
* एमआईएम की एक महिला पार्षद की क्रॉस वोटिंग से मचा सियासी भूचाल, पार्टी ने पार्षद मीरा कांबले को निकाला पार्टी से बाहर
* निष्कासन के बावजूद मीरा कांबले का पार्षद पद बना रहेगा, पार्टी ने जारी नहीं किया था कोई अधिकृत वीप
* एमआईएम के 11 व उबाठा के एक पार्षद रहे चुनाव में तटस्थ, उबाठा के एक पार्षद ने लिया हिस्सा
अमरावती/दि.6-अमरावती महानगरपालिका के महापौर और उपमहापौर चुनाव में भाजपा समर्थित ‘युति’ गठबंधन ने बड़ा राजनीतिक उलटफेर करते हुए जीत दर्ज की. महापौर पद पर भाजपा के श्रीचंद तेजवानी और उपमहापौर पद पर युवा स्वाभिमान पार्टी के सचिन भेंडे को 55-55 मत प्राप्त हुए, जिससे सदन का समीकरण पूरी तरह बदल गया. महापौर चुनाव में भाजपा के 25, युवा स्वाभिमान पार्टी के 15, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 11, शिंदे गुट की शिवसेना के 3 तथा एमआईएम की 1 पार्षद ने गठबंधन के पक्ष में मतदान किया. वहीं महापौर पद के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रा. संजय शिरभाते को 16 तथा बसपा प्रत्याशी इस्माइल लालूवाले को 3 मत मिले तथा उपमहापौर चुनाव में कांग्रेस की लुबना तनवीर को 16 और बसपा के सचिन वैद्य को 3 वोट प्राप्त हुए. कांग्रेस के दोनों प्रत्याशियों हेतु कांग्रेस के 15 और शिवसेना (उबाठा गुट) के 1 पार्षद ने मतदान किया, जबकि बसपा के तीनों पार्षद अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के साथ बने रहे. इसके अलावा एमआईएम के 11, वंचित बहुजन आघाड़ी के 1 तथा शिवसेना (उबाठा) के 1 पार्षद तटस्थ रहे.

* एमआईएम पार्षद की क्रॉस वोटिंग से खलबली
चुनाव के दौरान सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम तब सामने आया, जब एमआईएम की नगर सेविका मीरा कांबले ने महापौर व उपमहापौर के चुनाव हेतु हाथ उठाकर कराए गए मतदान के दौरान पार्टी लाइन से अलग जाते हुए भाजपा एवं युवा स्वाभिमान पार्टी यानी युति प्रत्याशियों का समर्थन करते हुए अपना हाथ उठाकर मतदान किया. यह देखकर एमआईएम के पार्षदों सहित हर कोई हैरत में पड गया. बडनेरा जुनी बस्ती प्रभाग क्रमांक 21 से निर्वाचित कांबले के इस कदम ने सदन के भीतर ही नहीं, बल्कि राज्यभर की राजनीति में हलचल मचा दी.
उल्लेखनीय है कि वोटिंग के समय एमआईएम के गटनेता अब्दुल हमीद ने पार्षद मीरा कांबले को समझाने का प्रयास करते हुए हाथ नीचे करने को कहा, लेकिन कांबले ने साफ शब्दों में जवाब दिया कि उन्हें इस बारे में उनके बेटे ने कहा है, जिसकी बात को ध्यान में रखते हुए वे युति के प्रत्याशियों के पक्ष में अपना वोट दे रही हैं.

* कांबले का पार्टी से निष्कासन, लेकिन पार्षद पद सुरक्षित
इस घटनाक्रम के बाद एमआईएम ने पार्षद मीरा कांबले को पार्टी से निष्कासित कर दिया. एमआईएम के शहर अध्यक्ष हाजी इरफान ने ‘मंडल’ को दिए बयान में कहा कि महापौर-उपमहापौर चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करना पार्टी अनुशासन का उल्लंघन है. हालांकि यह जानकारी भी सामने आयी है कि एमआईएम द्बारा महापौर व उपमहापौर पद के चुनाव हेतु अपने पार्षदों के लिए कोई अधिकृत व्हीप जारी नहीं किया गया था. ऐसे में पार्षद कांबले की मनपा सदस्यता पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वे पार्षद बनी रहेंगी, ऐसी तकनीकी बात सामने आयी हैं. यानी फिलहाल पार्षद मीरा कांबले को केवल पार्टी से बाहर किया गया है, लेकिन इसके बावजूद वे मनपा के सदन का हिस्सा बनी रहेंगी.
* राजनीति में यह सब चलता रहता है – मीरा कांबले
एमआईएम द्बारा पार्टी से निष्कासीत किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए पार्षद मीरा कांबले ने कहा कि, राजनीति में यह सब चलता रहता है. मैं सुरक्षित और स्वतंत्र विचार पर चलने वाली हूं. पार्टी की ओर से होने वाली किसी भी कार्रवाई के लिए तैयार हूं.

* सेना (उबाठा) पार्षद ने किया तटस्थ रहने का खुलासा
वहीं महापौर व उपमहापौर के चुनाव के समय तटस्थ रहनेवाले शिवसेना (उबाठा गुट) के पार्षद संजय गव्हाले ने बताया कि पार्टी ने उन्हें तटस्थ रहने के निर्देश दिए थे. उन्होंने अपने ही गुट के एक अन्य पार्षद द्वारा हाथ उठाकर मतदान किए जाने पर हैरानी जताई और कहा कि उन्होंने स्वयं महापौर-उपमहापौर चुनाव में हिस्सा नहीं लिया.
* भाजपा को एमआईएम का वोट मिलने से बड़ा राजनीतिक भूचाल
– अमरावती में महापौर व उपमहापौर पद के चुनाव में ऐतिहासिक उलटफेर
अमरावती महानगरपालिका के महापौर और उपमहापौर चुनाव में मंगलवार को ऐसा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जिसने न केवल स्थानीय बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर कर रख दिया. भाजपा प्रत्याशी को एमआईएम की नगर सेविका का समर्थन मिलने से सत्ता समीकरण पूरी तरह बदल गए और पहली ही आमसभा में सदन हंगामे का अखाड़ा बन गया.इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के चलते भाजपा-नेतृत्व वाली ‘युति’ ने 55-55 मतों से दोनों प्रमुख पदों पर विजय हासिल कर ली, जबकि कांग्रेस, एमआईएम और अन्य विपक्षी दलों की रणनीति पूरी तरह ध्वस्त हो गई. बडनेरा जुनी बस्ती, प्रभाग क्रमांक 21 की एमआईएम नगर सेविका मीरा कांबले ने मतदान के दौरान भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में हाथ उठाकर सबको चौंका दिया. यह दृश्य सामने आते ही सदन में हंगामा मच गया.
* ऐसा रहा चुनावी परिणाम
महापौर व उपमहापौर पद के चुनाव हेतु आज बुलाई गई विशेष सभा में हाथ उठाकर कराए गए मतदान की गिनती के बाद 55-55 वोटों से युति के प्रत्याशियों की जीत हुई. जिसके तहत महापौर पद हेतु भाजपा प्रत्याशी श्रीचंद तेजवानी तथा उपमहापौर पद हेतु युवा स्वाभिमान प्रत्याशी सचिन भेंडे को 55-55 वोट प्राप्त हुए, जिन्हे भाजपा के 25, युवा स्वाभिमान पार्टी के 15, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) के 11 व शिंदे गुट वाली शिवसेना के 3 पार्षदों सहित एमआईएम की एक महिला पार्षद का समर्थन प्राप्त हुआ. जबकि महापौर पद के चुनाव में एमआईएम के 11 तथा शिवसेना उबाठा व वंचित बहुजन आघाड़ी के 1-1 नगर सेवक तटस्थ रहे. महापौर पद के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रा. संजय शिरभाते को 16 वोट व बसपा के इस्माइल लालूवाले को 3 वोट मिले. वही उपमहापौर पद के लिए कांग्रेस की लुबना तनवीर को 16 वोट व, बसपा के सचिन वैद्य को 3 वोट मिले. दोनों पदों के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों की दावेदारी का कांग्रेस के 15 और उबाठा गुट के 1 पार्षद ने समर्थन किया. जबकी दोनों पदों के चुनाव में बसपा के तीनों सदस्य अपनी पार्टी के साथ रहे. साथ ही महापौर पद के चुनाव की तर्ज पर उपमहापौर पद के चुनाव में भी एमआईएम के 11, वंचित के 1 और उबाठा गुट के 1 सदस्य तटस्थ रहे. जिसके चलते कहा जा सकता है कि भाजपा के नेतृत्ववाली महायुति के नियोजन के सामने विपक्ष की रणनीति पूरी तरह से धराशायी हो गई.
* जिलाधीश व मनपा आयुक्त ने किया नवनिर्वाचितों का सत्कार व अभिनंदन
महापौर व उपमहापौर पद के चुनाव हेतु आयोजित मनपा की पहली विशेष सभा में संभागीय आयुक्त के प्रतिनिधि के तौर पर जिलाधीश आशीष येरेकर उपस्थित थे. जिन्होंने पीठासिन अधिकारी के रूप में मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा चांडक के साथ मंच साझा करते हुए महापौर व उपमहापौर पद के निर्वाचन की प्रक्रिया अपनी देखरेख में पूरी करवाई. साथ ही हाथ उठाकर किए गए मतदान की गिनती करने के उपरान्त जिलाधीश आशीष येरेकर ने चुनाव के नतीजों की घोषणा की और बहुमत के आधार पर महापौर पद हेतु भाजपा पार्षद श्रीचंद तेजवानी व उपमहापौर पद हेतु युवा स्वाभिमान पार्टी के पार्षद सचिन भेंडे को निर्वाचित घोषित किया. इसके उपरान्त दोनों नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को ससम्मान मंच पर आमंत्रित किया गया और उनका पदग्रहण भी कराया गया. इस समय जिलाधीश आशीष येरेकर व मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा ने नवनिर्वाचित महापौर श्रीचंद तेजवानी व नवनिर्वाचित उपमहापौर सचिन भेंडे का यथोचित सत्कार करते हुए उनका अभिनंदन किया. साथ ही उन्हें भावी कार्यकाल हेतु अपनी शुभकामनाएं दी.

कांग्रेस ने भी दोनों नवनिर्वाचितो का किया अभिनंदन
मनपा के सदन में प्रमुख विपक्षी दल रहनेवाली कांग्रेस पार्टी के बबलू शेखावत व विलास इंगोले ने भी नवनिर्वाचित महापौर श्रीचंद तेजवानी व उपमहापौर सचिन भेंडे का निर्वाचित होने पर अभिनंदन किया. साथ ही कहा कि सत्ता पक्ष द्बारा जब तक शहर के विकास को लेकर काम किया जाएगा, तब तक विपक्ष भी सत्ता पक्ष का साथ देगा. लेकिन जहां राजनीति शुरू होगी, तो हम विरोध जरूर करेंगे.





