एक दिन की टीबी जागरुकता, 75 हजार का बिल
महापालिका स्वास्थ्य विभाग ने ठेकेदार के खाते में जमा कराए पैसे

* महकमे का कामकाज कल्पना से परे
अमरावती/दि.9 – महापालिका के स्वास्थ्य विभाग ने टीबी जागरुकता के लिए एक दिन कार्यक्रम हेतु 15 बाय 15 का पंडाल लगाया. उसके लिए 75 हजार रुपए का बिल सीधे ठेकेदार के खाते में जमा करा दिया गया. इस प्रकार की शिकायत निगमायुक्त सौम्या शर्मा चांडक से की गई है. मनपा के स्वास्थ्य महकमे में सरकारी फंड का किस तरह दुरुपयोग होता है, इसकी कल्पना न करें तो बेहतर कहने की नौबत आई है.
राष्ट्रीय टीबी निराकरण कार्यक्रम अंतर्गत 100 दिनों का अभियान चल रहा है. इसके लिए प्राप्त फंड का दुरुपयोग किए जाने के प्रकरण सामने आया है. प्रकरण की शिकायत महापौर श्रीचंद तेजवानी तथा उपमहापौर सचिन भेंडे के चयन के पहले आयुक्त से की गई. मनपा को उपरोक्त फंड में 9 लाख 71 हजार रुपए प्राप्त हुए. ऐसे में टीबी विरोधी जनजागृति कार्यक्रम महापालिका के अस्पताल में करने का ठेका एक व्यक्ति को दिया गया. एक ही दिन में कार्यक्रम संपन्न हुआ.
15 बाय 15 का पंडाल लगाया गया था. अन्य कही टीबी संबंधी जागरुकता नहीं की गई. यह कार्यक्रम कागजात पर दिखाया गया. कैम के कहने पर ठेकेदार के खाते में 75 हजार रुपए भेजे जाने की शिकायत दी गई है.
* क्या कहते हैं स्वास्थ्य अधिकारी?
मनपा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विशाल काले ने कहा कि, स्वास्थ्य विभाग संबंधी कोई शिकायत अब तक मेरे पास नहीं पहुंची है. शिकायत में क्या कहा गया है, यह चेक करने के बाद ही बता सकूंगा.
* कौन हैं मास्टर माइंड?
स्वास्थ्य विभाग में दिए गए फंड का बडे प्रमाण में बेजा इस्तेमाल हो रहा है. फंड का दुरुपयोग कैम और स्वास्थ्य अधिकारी करने का आरोप किया गया है. शहरी स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल ऑफीसर पर आयुक्त के नाम पर दबाव डालकर हस्ताक्षर करने कहा जाता है, यह भी शिकायत है. इन सभी शिकायतों पर आयुक्त ने ध्यान देकर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की जा रही है.





