16 वर्ष बाद मिला भूमि का मुआवजा

बाढ पीडितों के पुनर्वास हेतु ली गई थी जमीन

* अधिग्रहीत जमीन का भाडा, ब्याज और हर्जाना देने के निर्देश
* एड. सत्यजीत सिंह रघुवंशी की प्रभावी पैरवी
अमरावती/दि.9 – सहायक वरिष्ठ श्रेणी सिविल जज बिजेश आबासाहब गायकवाड ने 16 वर्ष पुराने भूमि अधिग्रहण प्रकरण में किसान श्रीकृष्ण चिमोटे को बाढ पुनर्वास के लिए ली गई जमीन का किराया, ब्याज और क्षतिपूर्ति दिए जाने का आदेश आज जारी किया. अमरावती के जिलाधीश और तहसीलदार को इस बारे में कोर्ट ने निर्देश दिए हैं. याचिकाकर्ता श्रीकृष्ण चिमोटे को 2 लाख 44 हजार 200 रुपए किराया और उस पर 50 हजार रुपए ब्याज देने के निर्देश दिए गए हैं.
इस्तगासे के अनुसार वर्ष 2007 में पेढी नदी में बाढ आ गई थी. जिसके कारण पुसदा के 100 परिवार बेघर हो गए थे. उनके अस्थायी पुनर्वास हेतु जिलाधीश ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत श्रीकृष्ण रामचंद्र चिमोटे की खेती अधिग्रहीत की थी.
शासन-प्रशासन ने उक्त जमीन का चार वर्षों तक उपयोग किया. भूमि किसान श्रीकृष्ण चिमोटे को 2011 में लौटा दी गई, किंतु कोई भाडा का भुगतान चिमोटे को नहीं किया गया. चिमोटे ने अनेक आवेदन और पत्र इस संबंध में तहसीलदार, जिलाधीश को दिए. भुगतान न होने पर एड. सत्यजीत सिंह रघुवंशी के माध्यम से सिविल सुट दाखिल किया. लंबी प्रतीक्षा पश्चात सहदिवानी न्यायाधीश वरिष्ठ स्तर बिजेश गायकवाड ने उपरोक्त फैसला सुनाया. बकाया राशि पर मानसिक व शारीरिक प्रताडना के लिए 50 हजार रुपए आगामी तीन माह में देने के निर्देश दिए. एड. सत्यजीत सिंह रघुवंशी ने किसान चिमोटे की ओर से कोर्ट में प्रभावी पैरवी की. हालांकि उनके द्वारा कुछ डिमांडस् को कोर्ट ने अमान्य किया.

Back to top button