’कुसुम’ अभियान के दौरान निरीक्षण किया जाएगा

केंद्र सरकार का 2027 तक कृष्ठरोग समाप्त करने का लक्ष्य

अमरावती /दि.10 – केंद्र सरकार ने 2027 तक कुष्ठ रोग के प्रसार को पूरी तरह रोकने का लक्ष्य रखा है. इसी के अनुरूप, राज्य में ’कुसुम’ – कुष्ठ रोग मुक्त सुरक्षित महाराष्ट्र अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत उपेक्षित वर्गों तक पहुँचकर शारीरिक परीक्षण किए जाएंगे.

* 2027 तक कुष्ठरोग के प्रसार को शून्य करने का लक्ष्य
केंद्र सरकार का लक्ष्य पूरे देश में कुष्ठ रोग के नए मामलों को शून्य तक लाना है. इसलिए, शीघ्र निदान, उपचार और जन जागरूकता पर अधिक जोर दिया जा रहा है.

* कुसुम मिशन
’कुसुम’ राज्य सरकार की एक विशेष पहल है. इस पहल के तहत, उच्च जोखिम वाले समूहों में शारीरिक परीक्षण के माध्यम से उपचार के साथ-साथ परामर्श और जागरूकता भी प्रदान की जा रही है.

* इनकी शारीरिक जांच की जाएगी
ईंट भट्ठों में काम करने वाले मजदूर, खनिक, प्रवासी मजदूर, निर्माण श्रमिक, आश्रम के स्कूलों और छात्रावासों में पढ़ने वाले छात्र, जेल के कैदी और दूरस्थ एवं वंचित समुदायों के नागरिक शारीरिक परीक्षण से गुजर रहे हैं.

* यह अभियान इस तारीख तक जारी रहेगा.
’कुसुम’ (कुष्ठ रोग मुक्त सुरक्षित महाराष्ट्र) अभियान पूरे राज्य में लागू किया जा रहा है और यह 17 फरवरी, 2026 तक चलेगा.

* सभी शासकीय कार्यालयों में संदेश वाचन
कुष्ठ रोग के बारे में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए, सभी सरकारी और विद्यालयी कार्यालयों में शपथ ग्रहण और प्रवचन पाठ कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. साथ ही, कर्मचारियों के माध्यम से जन जागरूकता भी पैदा की जा रही है.

* पूरी तरह ठिक होने वाली बीमारी
कुष्ठ रोग पूरी तरह से ठीक होने योग्य बीमारी है. शीघ्र निदान और नियमित उपचार से संक्रमण को रोका जा सकता है. ’कुसुम’ अभियान के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जा रही हैं.
– डॉ. पूनम मोहोकर,
सहायक संचालक, कुष्ठरोग विभाग.

* दस महीनों में कुष्ठरोग के 524 नए मरीज़
अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक की दस महीने की अवधि के दौरान जिले में 524 कुष्ठरोगियों का पंजीकरण किया गया है. समय पर उपचार से रोगियों को ठीक किया जा सकता है.

* ये कुष्ठरोग के लक्षण
हाथ-पैरों में झुनझुनी, त्वचा पर सफेद धब्बे या फिर लाल निशान, स्पर्श के प्रति असंवेदनशीलता, कमजोर मांसपेशियां और घाव भरने में देरी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं.

* कुष्ठरोग अब ’नोटिफायबल डिसीज’
नए मरीजों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है, और सरकारी एजेंसियों को तत्काल जानकारी प्रदान की जाएगी, जिससे उपचार और संपर्क ट्रेसिंग में सुविधा होगी.

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