किसी ने कहा टफ, तो किसी को इझी लगा अंग्रेजी
कक्षा 12 वीं के एक्झाम प्रारंभ

* कॉपीमुक्त अभियान का दिखा असर
अमरावती/दि.10 – राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा ली जा रही कक्षा 12 वीं की महत्वपूर्ण लिखित परीक्षा आज से प्रारंभ हुई. कॉपीमुक्त अभियान हेतु शासन द्वारा सीधे कलेक्टर और संभागीय आयुक्त का सहयोग लिए जाने से उसका प्रभाव दिखाई दिया. सभी सेंटर्स पर तीसरी आंख की निगरानी रहने के साथ अमरावती में एक दर्जन से अधिक सुपरवाइझर सबेरे से ही निगाह रखे हुए थे. जिससे समाचार लिखे जाने तक संभाग में पहले दिन अंग्रेजी के परचे में कोई कॉपी नहीं पकडी गई थी. उधर छात्र-छात्राओं से बात की तो दोनों ही प्रकार की प्रतिक्रिया अंग्रेजी के परचे को लेकर मिली. किसी ने परचे को बडा टफ बताया. वहीं अधिकांश विद्यार्थियों ने इसे मीडियम श्रेणी का परचा बताकर 60 फीसद अंक प्राप्त करने का दावा किया.
उल्लेखनीय है कि, अमरावती में 35,929 छात्र-छात्राएं करिअर के लिए महत्वपूर्ण कक्षा 12 वीं का इम्तहान दे रहे हैं. पहले दिन अपेक्षित सभी विद्यार्थी नियत समय पर 10.30 बजे के पूर्व केंद्रों पर पहुंच गए थे. 11 बजे का परचा विद्यार्थियों को पढने के लिए 10.50 को दे दिया गया था.
* मुझे 50-55 मार्क्स मिल जाएंगे
‘अमरावती मंडल’ प्रतिनिधि ने कुछ छात्र-छात्राओं से अंग्रेजी विषय के पेपर को लेकर चर्चा की तो समर्थ हाईस्कूल सेंटर पर एक्झाम दे रही छात्रा ऐश्वर्या ने परचे को कठिन बताया. कहा कि, कुछ समझ ही नहीं आ रहा था. बडी मुश्कील से हल किया. मुझे 50-55 अंक मिलने की आशा है, ऐसा भी छात्रा ने कहा. इसके विपरीत दूसरे छात्र सचिन ने कहा कि, सामान्य परचा रहा. मुझे विशेष दिक्कत नहीं हुई. 60 से 70 प्रतिशत अंक उम्मीद उन्होंने जताई.
* कडी निगरानी, बार-बार अनाउंसमेंट
परीक्षा केंद्रों पर इस बार नकल विरोधी अभियान के कारण कडी निगरानी रही. विद्यार्थियों को समय पर उनकी कक्षाओं के नंबर्स दिए गए. उसी प्रकार हॉल टिकट लेकर प्रवेश की अलार्म दो बार हुई. साथ ही कॉलेज के बाहर खडे अभिभावकों के लिए भी बारंबार अनाउंसमेंट की जा रही थी.

* कलेक्टर अचानक पहुंचे विद्याभारती
बोर्ड से निकालकर इस बार कक्षा 12 वीं की परीक्षा का निगरानी जिम्मा राजस्व महकमें को दिया गया है. ऐसे में आज दोपहर जिलाधीश आशीष येरेकर ने अचानक कैम्प रोड स्थित विद्याभारती महाविद्यालय के सेंटर को भेंट दी. उनके औचक विद्याभारती कॉलेज पहुंचने से वहां प्रबंधन में जुटे अफसरान में खलबली मची थी. बहरहाल सेंटर पर नियमानुसार सभी मापदंड के पालन का अवलोकन जिलाधीश ने प्रत्यक्ष किया.





