स्थानीय स्वराज्य संस्थाएं बकाया कर वसूली के लिए चलाए अभियान

राज्य के मुख्य सचिव ने समिक्षा बैठक में दिये आदेश

अमरावती /दि.11 राज्य की सभी मनपाओं और नगर परिषदों एवं नगर पंचायतों द्वारा संपत्ति कर की गणना व वसूली स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. सभी संपत्तियों पर कर निर्धारण, लंबित पूर्व मूल्यांकन प्रक्रिया को पूर्ण करना तथा वसूली का प्रतिशत बढाने हेतु व समन्वित कार्रवाई आवश्यक है. शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को विभिन्न सेवाएं तथा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संपत्ति कर एक प्रमुख वित्तीय स्त्रोत है.
इस संदर्भ में संपत्ति कर निर्धारण, नई नगर पंचायतों में कर निर्धारण प्रणाली का सुव्यवस्थित क्रियान्वयन, प्रशासकीय संपत्तियों पर लंबित बकाया देयको की समीक्षा तथा विकास योजनाओं से संबंधित विषयों का शीघ्र निपटारा करने के उद्देश्य से विगत 4 फरवरी को राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था.
इस बैठक में अप्पर मुख्य सचिव, नगरविकास विभाग के आयुक्त तथा संचालक, नगर परिषद प्रशासन संचालनालय के सभी संबंधित अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे. बैठक में नगरविकास और नगर प्रशासन की ओर से राज्य की सभी शहरी स्थानीय संस्थाओं की पिछले वर्ष एवं वर्तमान की स्थिति कर वसूली, कर निर्धारण की स्थिति व प्रशासन को आ रही समस्या तथा किये गये प्रयासों की समीक्षा की गई और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं को संपत्ति कर वसूली के लिए अभियान चलाये जाने के आदेश दिये गये.

* सरकारी संपत्तियों का बकाया कर तुरंत करें वसूल
बैठक में राज्य की सभी मनपा, नगर परिषद एवं नगर पंचायतों के अंतर्गत आने वाले सभी प्रशासकीय, वाणिज्य, औद्योगिक तथा अनाधिकृत व अपंजीयनकृत संपत्तियों को संपत्ति कर निर्धारण के दायरे में शामिल करना आवश्यक है. अ पंजीकृत एवं कम कर निर्धारण वाली संपत्तियों की पहचान की जानी चाहिए. साथ ही नवनिर्मित विस्तारित अथवा उपयोग में परिवर्तन की गई संपत्तियों की स्वतंत्र जांच कर तुरंत संपत्ति कर का निर्धारण एवं बकाया कर तुरंत वसूल करने के निर्देश भी बैठक में दिये गये.

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