संतप्त जिलाधिकारी ने चार बैंकर्स को बैठक से निकाला बाहर
संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने से जताई नाराजगी

* जिला उद्योग केंद्र के एक भी प्रकल्प को नहीं की सहायता
अमरावती/दि.11 –कृषि विभाग के संबंध में एकमात्र जिला उद्योग केंद्रों ने किसानों और शिक्षित बेरोजगारों के लिए ऋण हेतु बैंकों को दो-तीन प्रस्तावों के माध्यम से तीन आवेदन प्रस्तुत किए थे. हालांकि, जिले के चार निजी बैंकों ने कई महीनों तक इन प्रस्तावों को लंबित रखा और किसी भी मामले को मंजूरी नहीं दी. संतोषजनक उत्तर न मिलने पर जिलाधिकारी आशीष येरेकर बेहद नाराजगी जताते हुए चारों बैंक अधिकारियों को बैठक से बाहर निकाल दिया.
मंगलवार को नियोजन भवन में जिलाधिकारी और जिला सलाहकार समिति (डीएलसीसी) के अध्यक्ष द्वारा बैठक का आयोजन किया गया. इसमें प्रधानमंत्री रोजगार योजना (पीएमईजीपी), मुख्यमंत्री रोजगार योजना (सीएमईजीपी) और प्रधानमंत्री सूक्ष्म एवं अन्य प्रसंस्करण उद्योग योजनाओं पर चर्चा हुई. इन तीनों योजनाओं (पीएमएमएफएमई) के तहत बैंकों द्वारा स्वीकृत ऋण मामलों की जांच करने पर पता चला कि जिले के चार निजी बैंकों ने किसी भी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है. जिला उद्योग केंद्र की किसी भी प्रकल्प को कोई सहायता प्रदान नहीं की गई, जिससे जिलाधिकारी संतप्त हो गए. जब संबंधित बैंकों के प्रतिनिधियों से इस बारे में पूछा गया, तो उनके जवाब संतोषजनक न होने पर जिलाधिकारी नाराज हो गए. उन्होंने किसानों और बेरोजगारों के प्रति लापरवाही और देरी की नीति अपना रहे इन चारों बैंकों को कडा संदेश देते हुए बैठक छोडकर चले जाने को कहा. जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने बताया कि किसी भी प्रकार की देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
* सरकार ‘उन’ बैंकों से निधि वापस लेगी
यंत्रणा को चार बैंकों से सरकारी निधि निकालकर अन्य बैंकों में जमा करने का निर्देश दिया गया था. जो बैंक सरकार और प्रशासन के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं, उनके साथ सहयोग नहीं किया जाएगा. पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के बावजूद, कुछ बैंकों ने बहुत कम प्रस्तावों को मंजूरी दी, और जिलाधिकारी ने उन बैंकों को फटकार भी लगाई.
* स्वरोजगार का व्यापक संमेलन होगा
जिला प्रशासन विभिन्न अभियानों, पहलों और सरकारी विभागों के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है. इसी संदर्भ में, जिलाधिकारी ने इस प्रकार का एक व्यापक सम्मेलन आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की.
संबंधित बैंक किसानों और बेरोजगारों के प्रस्तावों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. उनके जवाब भी संतोषजनक नहीं हैं. उनके सभी ऋण आवेदन लंबित हैं. इसलिए, उन्हें बैंक छोडने के लिए कहा गया है. इस संबंध में तत्काल आदेश जारी किया जाएगा.
-आशीष येरेकर, जिलाधिकारी





