पुलिस जांच में हुआ खुलासा, आंतरिक सुरक्षा को खतरा

बांग्लादेशी को काम पर रखा तो सीधे मालिक पर कार्रवाई

* राज्य सरकार का कडा इशारा
* गृह विभाग ने दिए कठोर कार्रवाई के निर्देश
* मजदूर, प्लंबर, मैकेनिक रखने से पहले जांचे दस्तावेज
* सभी पुलिस पाटिलों को भी होम का निर्देश
मुंबई ./दि.11- घुसपैठिए बांग्लादेशी नागरिकों को रोजगार हेतु आश्रय देनेवाले निर्माण व्यवसायी, व्यापारी, उद्योगपतियों पर अब कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश राज्य सरकार ने जारी कर दिया है. होम डिपार्टमेंट ने हाल ही में परिपत्रक जारी किया है. सभी प्रशासकीय विभागों को इस संबंध में कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की जानकारी उक्त परिपत्रक में है.
* आंतरिक सुरक्षा को खतरा
पुलिस की जांच में धक्कादायक हकीकत सामने आई है. मुठ्ठीभर लोगों के निजी फायदे के कारण आंतरिक सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है. निर्माण व्यवसायी, छोटे-बडे उद्यमी और व्यापारी अपने व्यक्तिगत आर्थिक लाभ के लिए बांग्लादेशी घुसपैठियों को काम पर रख रहे हैं. यह लोग कम पैसे पर उपलब्ध होने से कई जगह पर देखा गया कि, उन्हें प्राथमिकता से रखा जा रहा है. ऐसे में गृह विभाग के सर्कूलर में कहा गया कि, राज्य और देश की सुरक्षा को बडा खतरा पैदा हो गया है.
* सीधे मालिक को माना जाएगा जवाबदार
परिपत्रक में आदेश दिया गया कि, कोई भी बिझनेस प्रतिष्ठान पर घुसपैठिए बांग्लादेशी नागरिक को कामगार के रुप में नहीं रख सकेगा. बांधकाम मजदूर, मैकेनिक, वेल्डर, वाहन चालक, प्लंबर, वेटर आदि क्षेत्र में बांग्लादेशी कामगार पाए जाने पर सीधे मालिक को जवाबदार माना जाएगा. इसके लिए आवश्यक कानून और नियमों में संशोधन का संकेत भी उक्त सर्कूलर में दिया गया है. राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च है. किसी भी परिस्थिति में घुसपैठियों को रोजगार न दिया जाए, ऐसा स्पष्ट आदेश है.
* कागजातों में छेडछाड
सर्कूलर के मुताबिक घुसपैठिए भारत में रहने के लिए बनावटी दस्तावेजों का उपयोग कर रहे हैं. जाली दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं. तकनीक का उपयोग कर मूल कागजात में छेडछाड की जा रही है. इसलिए ऑनलाइन प्रणाली विकसित करने के निर्देश सभी प्रशासकीय विभागों को दिए गए है. आवेदन के साथ नत्थी किए गए सबूत और कागजातों की बारीकी से जांच करने के निर्देश सर्कूलर में दिए गए है. यह भी कहा गया है कि, उक्त फैसले से अवैध नागरिकों को आश्रय देनेवालों पर प्रशासन का अंकूश रहेगा. जाली दस्तावेजों के आधार पर शासकीय योजनाओं का लाभ लेनेवाले भी चपेट में आएंगे. गृह विभाग ने इस संदर्भ में सभी जिलाधिकारी और पुलिस पाटिल को निर्देश जारी किए हैं.

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