551 ग्राम पंचायतों में ‘ना सरपंच, ना प्रशासक’ की स्थिति
प्रशासक नियुक्ति पर स्थगनादेश

* 17 फरवरी को होगी सुनवाई
अमरावती/दि.12 -जिले में 551 ग्राम पंचायतों को कार्यकाल समाप्त होने वाला है. जिसके कारण प्रशासकों की नियुक्ति के लिए सीईओ ने 9 फरवरी को आदेश जारी किए है. हालांकि, उच्च न्यायालय ने स्थगनादेश देने से आदेश पुन: वापस लिए है. इसलिए इन ग्राम पंचायतों पर ना सरपंच, ना प्रशासक ऐसी स्थिति आ गई है. फिलहाल ग्रामसेवक ही कामकाज देखेंगे. हालांकि, इस समयावधि में वे आर्थिक व्यवहार नहीं कर पाएंगे, ऐसा प्रशासन ने स्पष्ट किया है. इस मामले में अब 17 फरवरी को मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में सुनवाई होगी. इस सुनवाई की ओर सभी का ध्यान लगा है.
जिले की 551 ग्राम पंचायतों की अवधि 10 से 17 फरवरी को खत्म हो रही है. इसलिए जिला परिषद द्वारा ग्राम विकास विभाग से मार्गदर्शन मांगा था. दौरान 23 जनवरी 2025 को अवर सचिव ने इस संबंध में पत्र देकर 14 अगस्त 2020 के न्यायालयीन आदेश के संदर्भ के तहत प्रशासक के नियुक्ति की सूचना की थी. इसके अनुसार विस्तार अधिकारी पंचायत, कृषी, आरोग्य व शिक्षा इन अधिकारियों की नियुक्ती प्रशासक के रूप में करने के आदेश सीईओ संजीता महापात्र ने 14 तहसीलों को दिए.
* 17 तक ग्रापं अधर में
10 से 17 फरवरी दौरान 551 ग्रापं का कार्यकाल खत्म हो रहा है. इसमें 10 फरवरी को 131, 11 फरवरी को 132 ग्रामपंचायत की अवधि खत्म हुई. तथा 14 फरवरी को 130, 15 को 57 और 17 फरवरी को 7 ग्रा पं की अवधि समाप्त हो रही है. हालांकि, न्यायालय के आदेश होने से 17 तक प्रशासक की नियुक्ति नहीं की जा सकती. इसलिए ग्राम पंचायत अधर में है.
जिले की 551 ग्राम पंचायतों पर प्रशासक नियुक्ति के आदेश दिए गए है. हालांकि, न्यायालय के आदेश के कारण वह आदेश रद्द किए है. 17 फरवरी को सुनवाई है. इसके बाद देखेंगे, तब तक ग्राम पंचायत अधिकारी कामकाज संभालेंगे. लेकिन वे आर्थिक व्यवहार नहीं कर पाएंगे.
-संजीता महापात्र, मुख्य कार्यकारी अधिकारी,
जिला परिषद अमरावती





