वलगांव में गौवंश को लेकर दो गुटों में जोरदार संघर्ष
वाहनों पर पथराव कर की तोडफोड

* मारपीट से क्षेत्र में निर्माण हुआ तनाव
* पुलिस ने की स्थिति नियंत्रण में, 5 आरोपी गिरफ्तार
* शंकरपट का बैल ले जानेवाले चालक को तस्कर समझकर की मारपीट
अमरावती /दि.12 – तामसवाडी के शंकरपट से पुरस्कार जीतने के बाद वापिस लौट रहे पंढरपुरी बैल के गाडी को गौवंश तस्कर का वाहन समझकर गौरक्षकों ने पीछा कर रोका और चालक के साथ बेदम मारपीट की. इस घटना के कारण वलगांव परिसर में दो गुटों में जोरदार संघर्ष होने से तनाव निर्माण हो गया था. दोनों गुटों ने वाहन पर पथराव कर तोडफोड भी की. लेकिन पुलिस ने समय पर मध्यस्थी की रहने से अनर्थ टल गया. लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था. यह घटना बुधवार 11 फरवरी की रात घटित हुई.
दर्यापुर तहसील के तामसवाडी में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के जन्मदिन निमित्य आयोजित शिव छत्रपति शंकरपट में वलगांव के बैल ने चौथा पुरस्कार प्राप्त किया था. पुरस्कार मिलने के बाद विजयी पंढरपुरी बैल एमएच-28/एक्स-8534 क्रमांक के वाहन से वलगांव की तरफ लाया जा रहा था. इस दौरान एमएच-27/डीई-6521 क्रमांक की गाडी से आए गौरक्षक दल के कार्यकर्ताओं को यह गौवंश तस्करी रहने की गलत जानकारी मिली. इस संदेह पर उन्होंने तलेगांव के पास बाबूजी होटल के निकट गाडी रोककर चालक शेख उमर शेख नवाब और सहयोगी शाहरुख अली कौसर अली से पूछताछ कर मारपीट की. वहां से किसी तरह से छुटकर यह चालक वलगांव बस स्टैंड पर पहुंचे तब वहां भी उन्हें फिर से मारपीट करने का प्रयास किया गया. इस कारण गांव में दोनों तरफ से नागरिक बडी संख्या में जमा हो गए और तनाव निर्माण हो गया. भाग्यवश कुछ जागरुक नागरिकों ने समय पर पुलिस को सूचित कर दिया. लेकिन इस दौरान वाहन पर पथराव कर तोडफोड की गई. दोनों गुट आमने-सामने आ गए थे. जिससे वलगांव में अफरातफरी मच गई. भाग्यवश पुलिस ने समय पर घटनास्थल पहुंचकर बैल और दोनों चालकों को कब्जे में लेकर उनसे पूछताछ की. सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने मध्यस्थी कर इस विवाद को निपटाया. फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त गणेश शिंदे व अन्य अधिकारी भी वलगांव पहुंच गए और उन्होंने स्थिति का जायजा लिया. पश्चात 5 आरोपियों को हिरासत में लिया गया. मामले की जांच वलगांव पुलिस आगे कर रही है.





