आवारा कुत्तों के संपर्क में आने से त्वचारोग का खतरा
उपचार व स्वच्छता की कमी के कारण आम समस्याएं

अमरावती/दि.12 – शहर में सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों की बढती संख्या के साथ, समस्या अब केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गई है. खबरों के अनुसार, कई आवारा कुत्ते त्वचा रोगों से पीडित है. आवारा कुत्ते कई तरह की त्वचा संबंधी बीमारियों से पीडित होते हैं. खुजली, फंगल संक्रमण, बैक्टीरिया के कारण होने वाले चकत्ते, बालों का झडना, त्वचा का छिलना, घाव आदि संक्रमण, उपचार की कमी और स्वच्छता की कमी के कारण आम समस्याएं हैं.
* नागरिकों को क्या खतरा?
खुजली और लाल चकत्ते, दाद, फंगल संक्रमण, त्वचा पर छाले जैसे घाव, छोटे बच्चों में संक्रमण का खतरा अधिक होता है, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग अधिक तेजी से संक्रमित हो सकते हैं.
कुत्तों के बालों के संपर्क में आने का कारण कुत्तों को सहलाना या उनकी संवारना, संक्रमित कुत्तों के संपर्क में आई वस्तुओं को छूना, खेल के मैदानों या बगीचों में बैठना और कुत्ते द्वारा काटे जाने या खरोंच लगने से संक्रमण होता है.
* त्वचा की सूजन होने की संभावना अधिक
नियमित टीकाकरण और उपचार की कमी, खराब स्वच्छता, कुपोषण, घाव और परजीवी, और मानसून के मौसम में बढी हुई नमी कुत्तों में त्वचा रोगों का कारण बन सकती है.
* क्या सावधानी बरतें?
आवारा कुत्तों के सीधे संपर्क से बचें, छोटे बच्चों को कुत्तों से दूर रखें, बाहर से आने के बाद साबुन से हाथ धोएं, अगर आपको अपनी त्वचा पर खुजली या चकत्ते दिखाई दें तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें और क्षेत्र में बीमार कुत्तों के बारे महापालिका को सूचित करें.
नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
आवारा कुत्तों में पाए जाने वाले कुछ फफूंद और परजीवी त्वचा रोग मनुष्यों में फैल सकते हैं. बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले मरीजों को संक्रमण का खतरा अधिक होता है. खुजली वाली त्वचा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
डॉ. अनिकेत गोंडाने





