अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति

50 लाख रुपये तक आर्थिक सहायता, 40 विद्यार्थियों का होगा चयन

* आदिवासी विकास विभाग ने ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की
अमरावती /दि.12 राज्य के अनुसूचित जनजाति वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है. आदिवासी विकास विभाग द्वारा शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए विदेश के नामांकित विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर डिप्लोमा, स्नातकोत्तर डिग्री तथा पीएचडी पाठ्यक्रमों में अध्ययन करने के इच्छुक विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. इस योजना के अंतर्गत 40 पात्र विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा.
आदिवासी विकास विभाग की अपर आयुक्त आयुषी सिंह ने पात्र एवं इच्छुक विद्यार्थियों से शीघ्र ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है.

* पात्रता की प्रमुख शर्तें
उम्मीदवार तथा उसके माता-पिता या अभिभावक भारत के नागरिक एवं महाराष्ट्र राज्य के निवासी होने चाहिए. शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में प्रवेश प्राप्त या प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए संबंधित विदेशी शिक्षण संस्था का अद्यतन (2026) क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में 200 के भीतर होना अनिवार्य है. पात्र विद्यार्थी उपलब्ध न होने की स्थिति में यह सीमा बढ़ाकर 300 तक मान्य की जाएगी. इस छात्रवृत्ति में शिक्षण शुल्क, परीक्षा शुल्क, आवास एवं भोजन व्यय, अध्ययन सामग्री, सहायक खर्च, हवाई यात्रा व्यय, वीजा शुल्क, स्वास्थ्य बीमा तथा अन्य आवश्यक खर्च शामिल हैं. प्रति विद्यार्थी अधिकतम 50 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी. उम्मीदवार के माता-पिता अथवा परिवार की कुल वार्षिक आय (वित्तीय वर्ष 2025-26) 8 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. पात्र विद्यार्थी उपलब्ध न होने की स्थिति में आय सीमा 10 लाख रुपये तक शिथिल की जा सकती है. विद्यार्थी को विदेश के मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर अथवा शोध पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त होना आवश्यक है. साथ ही ढजएऋङ, खएङढड या समकक्ष अंतरराष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है.

* आवेदन प्रक्रिया
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी, पात्रता, आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता, लाभ एवं चयन प्रक्रिया के लिए आदिवासी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://fs.maharashtra.gov.in पर जानकारी उपलब्ध है. इच्छुक उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन कर आवश्यक प्रमाणपत्र एवं दस्तावेज अपलोड करने होंगे. अन्य किसी माध्यम से भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे. आवेदन से संबंधित सभी सूचनाएं पंजीकृत ईमेल पर भेजी जाएंगी.

राज्य के अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों को विदेश में पीएचडी, स्नातकोत्तर डिग्री और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है. इससे आदिवासी विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा के सपनों को मजबूती मिलती है. वर्ष 2026-27 में 40 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा. पात्र विद्यार्थी तत्काल ऑनलाइन आवेदन करें.
– आयुषी सिंह, अपर आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, अमरावती.

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