भारतदेश अमेरिका व्यापार करार रद्द करें
4 श्रम संहिता का कडा विरोध, कलेक्ट्रेेट धमका विशाल मोर्चा

* संयुक्त कामगार कर्मचारी संगठन कृति समिति
* कार्पोरेट हितैषी नीतियां व निर्णय रद्द करें
* मोर्चे में हजारों महिलाओं का भी सहभाग
अमरावती/ दि. 12- कामगार विरोधी चार श्रम संहिता के विरोध में केन्द्रीय कामगार संगठन की संयुक्त कृति समिति में आज देशव्यापी हडताल का आवाहन किया था. अमरावती में भी समिति के आवाहन पर विशाल मोर्चा निकाला गया. हजाराेंं की संख्या में महिलाओं सहित कर्मचारी वर्ग हर जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है का घोष करते हुए सहभागी हुए. अपने मांगों के बैनर पोस्टर लहराते हुए मोर्चा जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा.
वहां प्रधानमंत्री के नाम चार पेज का विस्तृत निवेदन जिलाधीश को दिया गया. मोर्चे का नेतृत्व सर्वश्री काम्रेड चंदू बानुबाकोडे , डीएस पवार, सुभाष पांडे, पीबी उके, तुकाराम भस्मे, सुनील देशमुख, एचबी घोम, कमलाकर वनवे, प्रशांत धर्माले, पंकज गावंडे, मयूर सोनवाल, विजय भुयार, अशोक सोनारकर, देवीदास राउत, ओमप्रकाश कुटेमाटे, विनोद जोशी, महादेव गारपवार, चंद्रकांत वडस्कर, श्याम शिंदे, रामदास कारमोरे, सुनील घटाले, रमेश सोनुले, चंदाताई वानखडे, अभय देव, वंदना बुराडे, राजेंद्र भांबोरे, अंकुश वाघ, ओम प्रकाश वाघमारे, महेंद्र बूब, आकाश बावने, ज्ञानेश्वर गायकवाड, प्रवीण तायडे, कॉ. जे. एम. कोठारी, नीलकंठ ढोके, मीरा कैथवास, रविकांत गवई, महेश जाधव, अमोल काकडे, रेखाताई मोहोड, प्रफुल्ल देशमुख, मोनाली खांडेकर, किशोर शिंदे, प्रीति पवार, संजय हाडके, रसुल शाह बिस्मिलाह शाह, हिम्मत गवई, अर्चना भंडवलकर, संजय मंडवधरे, ज्ञानेश्वर मेश्राम, इंदुबाई बोके, अफराज बी, बाली हरले आदि ने किया.
कलेक्टर को दिए गये निवेदन में चारों श्रम संहिता रद्द करने, बारामाही ठेका पध्दति बंद करने, सभी कामगारों को 26 हजार रूपए प्रतिमाह वेतन देने और 10 हजार रूपए पेंशन लागू करने, महाराष्ट्र जन सुरक्षा कानून रद्द करने, अंगणवाडी और पोषाहार कामगारों को कोर्ट के आदेशानुसार ग्रेच्युटी लागू करने, किसानों की कर्ज माफी करने, जीरामजी कानून पीछे लेने , बिजली बिल रद्द करने तथा भारतीय किसान विरोधी भारत- अमेरिका व्यापार डील रद्द करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई. अन्य मांगों का भी समावेश रहा.





