मत्स्य विज्ञान कॉलेज भवन का टेंडर ऐन समय पर रद्द
106 करोड की लागत से मोर्शी में बननेवाली थी बिल्डिंग

* स्वयं मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने किया था शिलान्यास
* विवि के पत्र पश्चात लोनिवि ने रोकी प्रक्रिया, फंड लैप्स होने का खतरा
अमरावती/ दि. 13- मोर्शी में मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय के नये भवन का पिछले वर्ष मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के हस्ते शिलान्यास होने के बावजूद गुरूवार को निर्माण कार्य का 106 करोड का टेंडर अचानक रद्द कर दिया गया. जिससे संबंधित के साथ शिक्षा क्षेत्र में भी खलबली मची है. टेंडर रद्द किए जाने के पीछे बडा मामूली कारण एक क्लॉज का दिया गया है. जानकारों की माने तो प्रस्तावित भवन के ग्रीन बिल्डिंग प्लेटीनम की श्रेणी बाद में भी बंधनकारक की जा सकती थी. अभी तो टेंडर आज खोला जाना था. किंतु गुरूवार को आनन- फानन में टेंडर रद्द किए जाने से भवन के लिए लाया गया फंड लैप्स होने की आशंका पैदा हो गई है.
अगस्त में भूमिपूजन हुआ था
मोर्शी पालिका के इलेक्शन देखते हुए गत अगस्त माह में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के हस्ते मत्स्य विज्ञान कॉलेज के नये भवन का भूमिपूजन बडे गाजे बाजे से करवाया गया था. मोर्शी वासी खुश हो गये थे. शहर में शानदार कॉलेज भवन बनने की आस जागी थी. मत्स्य विज्ञान कॉलेज के छात्र- छात्राओं में भी प्रसन्नता थी. इस क्षेत्र की ओर विद्यार्थियों का रूझान बढने की आशाए बताई जा रही थी. सूत्रों की माने तो नागपुर संभाग मुख्य अभियंता ने नये भवन का डिजाइन ड्राइंग, नक्शा तैयार कर लिया था. उसे स्वीकृति के लिए मुंबई भेजा गया था. वह भी प्राप्त हो गई थी.
विवि का पत्र और टेंडर कैंसल
शासन के लोकनिर्माण विभाग ने 106 करोड की कॉलेज इमारत के लिए गत 6 जनवरी को टेंडर नोटिस प्रकाशित किया. कार्यकारी अभियंता प्रतीक गिरी द्बारा जारी टेंडर नोटिस की प्रोसेस बीड अवधि 10 फरवरी को पूर्ण हुई थी. नियमानुसार 21 दिनों का समय पूर्ण हो गया था. 11 फरवरी को अचानक नागपुर स्थित मत्स्य विज्ञान विवि के विद्यापीठ अभियंता का पत्र लोनिवि के उपरोक्त कार्यकारी अभियंता को प्राप्त हुआ. उन्होंने अगले ही पल टेंडर प्रक्रिया रदद करने की घोषणा कर दी. लोनिवि की वेबसाइट पर भी टेंडर नोटिस रद्द किए जाने की सूचना का स्टेटस आज दिखाई पड रहा है.
ग्रीन इमारत का क्लॉज
नागपुर स्थित मत्स्य विज्ञान विवि ने लोनिवि को जो पत्र भेजा है. उसमें ग्रीन बिल्डिंग प्लेटीनम की शर्त जोडी गई है. जबकि जानकारों का कहना है कि यह काम आगे भी सहजता से हो जाता. इसी आधार पर टेंडर समय पर रद्द करने के पीछे के कारणों को लेकर आशंका जताई जा रही है. खासकर टाइमिंग को लेकर ही सवाल उपस्थित किए जा रहे हैं.
जर्जर बिल्डिंग में चल रही कक्षाएं
मोर्शी का मत्स्य विज्ञान कॉलेज अभी जिस इमारत में चल रहा है. वह जीर्ण अवस्था में आ जाने की जानकारी दी गई. यह भी दावा किया गया कि किसी दिन जीर्ण इमारत ढह सकती है. वहां पढनेवाले विद्यार्थियों का जीवन खतरे में बताया जा रहा है. यह भी कहा गया कि भूमिपूजन हुए 6 माह बीत गये्. अभी टेंडर पश्चात काम शुरू करने में समय लगता. इसके उपरांत भी विद्यार्थियों के लिए दो तीन कक्षाओं का निर्माण आगामी सत्र शुरू होने तक हो जाता.
अब लगेगा काफी समय
भवन निर्माण क्षेत्र के लोगों ने बताया कि टेंडर रद्द किए जाने से अब पूर्ण प्रक्रिया को नियमानुसार व अपेक्षित समय देना होगा. वित्त वर्ष समाप्ति का एक माह शेष है. जिससे टेंडर प्रक्रिया होने तक कहीं निधि वापस न चली जाए. इतना अवश्य है कि मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने तामझाम के साथ जिस भवन का शिलान्यास किया. उसकी टेंडर प्रक्रिया नाहक अटक गई.
टेंडर जल्द होगा रिवाइस
इस बारे में कार्यकारी अभियंता प्रतीक गिरि से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि यूजर विभाग ने कुछ नई रिकवायरमेंट जोडी थी जो टेंडर की वर्तमान अवस्था में जोडना संभव न था. प्रतीक गिरि ने यह भी बताया कि टेंडर के इस्टीमेट में भी परिवर्तन संभव है. फिर भी टेंडर जल्द रिवाइस हो सकता है. उन्होंने फंड लैप्स होने के प्रश्न पर कहा कि अभी तो उनके विभाग के पास टेंडर नोटिस का भी फंड भेजा नहीं गया है.





