कंत्राटी कर्मचारियों की सेवा समाप्ती के विरोध में पुनर्बहाली की मांग

कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

* जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन
अमरावती/दि.16- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत कार्यरत कंत्राटी कर्मचारियों को सेवा से हटाए जाने के विरोध में कर्मचारियों ने पुनर्बहाली की मांग तेज कर दी है. अमरावती जिले के 9 कर्मचारियों सहित मगरा रोहयो मंडल के अंतर्गत आने वाले अन्य जिलों के कर्मचारियों की सेवा समाप्त किए जाने पर कर्मचारी संघ ने इसे अन्यायपूर्ण कार्रवाई बताया है.
संघ के अनुसार, संगठन द्वारा 27 जनवरी 2026 को अपनी मांगों को लेकर हड़ताल का आह्वान किया गया था. शासन द्वारा मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिए जाने और माननीय मंत्री व आयुक्त के अनुरोध के बाद संगठन ने हड़ताल स्थगित कर दी थी. इसके बाद सभी कर्मचारी नियमित रूप से ड्यूटी पर उपस्थित हो गए. इसके बावजूद संबंधित एजेंसी द्वारा कुछ कर्मचारियों को ड्यूटी पर न बुलाने की सूचना उपजिलाधिकारी कार्यालय को दी गई. इसके आधार पर उपजिलाधिकारी (रोगायो मंडल) द्वारा संबंधित तहसीलों को कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति न करने के निर्देश जारी किए गए. संदर्भ पत्र क्रमांक कमरा-23/रोहयो/आस्था/कवि-41/2026 दिनांक 13 फरवरी के अनुसार अमरावती जिले के कुल 9 कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई. कर्मचारी संघ ने कहा कि 25 अगस्त 2021 के सरकारी परिपत्र के अनुसार शासन की स्वीकृति के बिना किसी भी कर्मचारी की सेवा समाप्त नहीं की जा सकती. ऐसे में बिना पूर्व सूचना सेवा समाप्त करना नियमों के खिलाफ है. संघ ने प्रशासन से सभी प्रभावित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से पुनः सेवा में बहाल करने की मांग की है. साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 23 फरवरी तक कर्मचारियों को बहाल नहीं किया गया, तो जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी. ज्ञापन सौंपनेवालों में कुनाल हरणे, राहुल भोयर, अंकुश निमकर, विनय मामर्डे, अमित बेलसरे, युवराज तायडे, महावीर मोटघरे, नेहा शर्मा, प्रशांत बेलसरे, अतुल मोरे, रूपेश अडीवकर, पंकज देशमुख, रविंद्र धांडे, पवन नवलकार, प्रकाश राजने, निकेश निंबलकर, अतुल चरपे, ओंकार हेकडे, अनिल मुगुलकर, संतोष श्रीखंडे, श्याम बचाले, दिव्यसागर मेश्राम आदि समेत अनेकों का समावेश था.

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